- मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से बिहार की ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। 10 हजार रुपये की राशि मिलने के बाद कई महिलाएं अपने छोटे व्यवसाय को शुरू करने या उसे आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।
पटना: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से बिहार की ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। 10 हजार रुपये की राशि मिलने के बाद कई महिलाएं अपने छोटे व्यवसाय को शुरू करने या उसे आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।
गांव में शुरू करेंगी सिलाई सेंटर
मसौढ़ी निवासी वीणा कुमारी ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10 हजार रुपये की राशि मिली है। इस राशि से वह अपने गांव में सिलाई सेंटर शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। उनका कहना है कि इससे गांव की महिलाओं को कपड़ों की सिलाई और कढ़ाई के लिए दूर बाजार नहीं जाना पड़ेगा।

व्यवसाय को आगे बढ़ाने की तैयारी
नौबतपुर निवासी निभा देवी ने कहा कि 10 हजार रुपये की सहायता राशि से वह अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने कहा कि योजना से महिलाओं में स्वरोजगार को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा है और गांवों में महिलाएं अब अपने पैरों पर खड़े होने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

दुकान के जरिए परिवार को भी रोजगार
मसौढ़ी की कांति देवी ने बताया कि जीविका दीदियों के सहयोग से उन्हें 10 हजार रुपये की राशि मिली है। वह इस पैसे से अपनी दुकान को बड़े स्तर पर शुरू करने की योजना बना रही हैं। उनका उद्देश्य परिवार के युवाओं के लिए भी स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तैयार करना है।

कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रही महिलाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अब सिलाई सेंटर, मछली पालन, गौपालन, कॉमन सर्विस सेंटर, मेडिकल स्टोर और जनरल स्टोर जैसे कई व्यवसायों से जुड़ रही हैं। आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं को अपना काम शुरू करने और आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
जीविका दीदियों को मिला बड़ा आर्थिक सहयोग
बताया गया कि अब तक जीविका दीदियों को 16,700 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। इसके अलावा गुरुवार को 600 करोड़ रुपये और जारी किए गए, जिसके बाद कुल राशि 17,300 करोड़ रुपये हो गई है।
इसके साथ ही जीविका दीदियों को बैंकों के माध्यम से 74,100 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण भी उपलब्ध कराया जा चुका है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।

