Guwahati: असम के गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की पहली क्षेत्रीय वॉलंटियर्स मीटिंग से पहले पार्टी के को-कन्वीनर आशुतोष रांका समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया कि पुलिस ने रांका और उनकी टीम को हिरासत में लेकर किसी अज्ञात स्थान पर भेज दिया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रविवार को होने वाली बैठक से पहले पुलिस ने कार्यक्रम स्थल के आसपास कार्रवाई की। हालांकि, देर दोपहर तक असम पुलिस की ओर से हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या या कार्रवाई की वजह को लेकर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
अठगांव में होनी थी CJP की बैठक
CJP की क्षेत्रीय वॉलंटियर्स मीटिंग गुवाहाटी के अठगांव इलाके में स्थित असम श्री परशुराम सेवा सदन में प्रस्तावित थी। रिपोर्टों के अनुसार, बैठक सुबह करीब 10 बजे होनी थी। बाद में कार्यक्रम का स्थान बदलकर असम सचिवालय के सामने चौधरी टीला किया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि मूल कार्यक्रम स्थल की बुकिंग रद्द करने के लिए प्रबंधन पर दबाव बनाया गया।
CJP के मुताबिक, बैठक में असम और नॉर्थईस्ट के वॉलंटियर्स के शामिल होने की योजना थी। पार्टी का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में संगठन की जमीनी गतिविधियों को आगे बढ़ाना और स्थानीय मुद्दों पर काम करना था।
आशुतोष रांका ने लगाए ये आरोप
हिरासत में लिए जाने से पहले आशुतोष रांका ने असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर कई आरोप लगाए। रांका का कहना था कि CJP राज्य के सरकारी स्कूलों की स्थिति, बाढ़ से प्रभावित इलाकों और काजीरंगा से जुड़े लोगों के अधिकारों जैसे मुद्दों को सामने लाना चाहती है।
रांका ने आरोप लगाया कि इसी वजह से पार्टी की गतिविधियों को रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने काजीरंगा में जमीन, जंगल और पानी से जुड़े अधिकारों को लेकर भी सवाल उठाए। ये आरोप रांका और CJP की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
अभिजीत दिपके ने क्या दावा किया?
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि असम पुलिस ने आशुतोष रांका और CJP की टीम को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि टीम को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
दिपके के दावे के मुताबिक, CJP नेता एक छोटी वॉलंटियर मीटिंग के लिए जुटे थे, लेकिन बैठक आयोजित नहीं हो सकी। इस बीच सामने आए एक वीडियो में रांका पुलिसकर्मियों के साथ एक वाहन में बैठे दिखाई दिए।
पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार
रविवार दोपहर तक उपलब्ध रिपोर्टों में असम पुलिस की ओर से हिरासत की वजह और कुल संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। कुछ रिपोर्टों में CJP के 30 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है, जबकि शुरुआती रिपोर्टों में संख्या स्पष्ट नहीं थी।
फिलहाल इस पूरे मामले में CJP के आरोप और पुलिस की कार्रवाई को लेकर तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। आधिकारिक पुलिस बयान सामने आने के बाद ही हिरासत के कारण और कार्रवाई की परिस्थितियों की अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।




