Ranchi: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झारखंड में राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने 28 सितंबर को राज्य के सभी 24 जिला मुख्यालयों में पुतला दहन करने का निर्णय लिया है। पार्टी की ओर से यह कार्यक्रम चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों के विरोध में किया जा रहा है। झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय के अनुसार, कार्यक्रम के जरिए पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाएगी। पार्टी राष्ट्रपति से भी इस संबंध में कार्रवाई की मांग करने की बात कह रही है।
10 महीनों में 14 बार आपत्ति का झामुमो का दावा
झामुमो ने मीडिया रिपोर्टों और दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की थी। पार्टी के मुताबिक, ये आपत्तियां मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और नाम बहाल करने सहित मतदाता डेटा से जुड़े फैसलों को लेकर थीं। इस 14 आपत्तियों वाले दावे की रिपोर्टिंग भी हालिया मीडिया कवरेज में हुई है। हालांकि, यह झामुमो का दावा है। इसे चुनाव आयोग की ओर से इस खबर में स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार वर्तमान में ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त तथा सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी चुनाव आयुक्त हैं।
SIR को लेकर झामुमो ने उठाए सवाल
पार्टी का आरोप है कि अन्य चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों के बावजूद विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। झामुमो ने इसे मतदाता सूची और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया है। वहीं, चुनाव आयोग की वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित मतदाता सेवाएं उपलब्ध हैं। आयोग के पोर्टल पर मतदाता अपना नाम पिछले SIR के इलेक्ट्रोल रोल में भी खोज सकते हैं।
राष्ट्रपति से कार्रवाई की मांग
झामुमो का कहना है कि 28 सितंबर के कार्यक्रम में पार्टी की जिला समितियों के साथ केंद्रीय समिति के पदाधिकारी और सदस्य, सांसद, विधायक, कार्यकर्ता और विभिन्न वर्ग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। पार्टी की ओर से कहा गया है कि पुतला दहन के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग राष्ट्रपति तक पहुंचाई जाएगी। इससे पहले भी झामुमो SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियां सार्वजनिक कर चुका है।




