Ranchi: झारखंड के जंगलों में घूमने और वन्यजीवों को करीब से देखने का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। राज्य में जंगल सफारी 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने जा रही है। मौसम अनुकूल रहने और कच्चे सफारी ट्रैक की मरम्मत समय पर पूरी होने के कारण इस बार सफारी पिछले वर्ष के मुकाबले पहले शुरू की जा रही है। पर्यटकों के लिए ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू हो गई है। पिछले साल पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) और दलमा में सफारी अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से शुरू हुई थी। इस बार वन विभाग ने मानसून के दौरान ही जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। ऐसे में 1 अक्टूबर से ही पर्यटक झारखंड के जंगलों की प्राकृतिक खूबसूरती और वन्यजीवों का आनंद ले सकेंगे।
1 अक्टूबर से शुरू होगी जंगल सफारी
वन विभाग के अनुसार, सफारी शुरू करने से पहले सबसे बड़ी चुनौती मानसून के बाद कच्चे ट्रैक को सफारी के लिए तैयार करना होती है। इस बार मौसम साफ रहने से ट्रैक की मरम्मत और अन्य तैयारियां निर्धारित समय में पूरी की जा सकीं। इससे पर्यटकों को पलामू टाइगर रिजर्व और दलमा क्षेत्र में जंगल सफारी का अनुभव लेने का मौका मिलेगा।
नए बैटरी वाहनों से जंगल का सफर
मुख्य वन संरक्षक, वन्य प्राणी एसआर नटेश के अनुसार, इस साल भी पर्यटकों के लिए खुले वाहनों के माध्यम से जंगल भ्रमण की व्यवस्था रहेगी। खास बात यह है कि सफारी में नए बैटरी आधारित वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन वाहनों के जरिए पर्यटक जंगल के अलग-अलग हिस्सों में प्राकृतिक वातावरण के बीच वन्यजीवों और हरियाली को करीब से देख सकेंगे। खुले वाहन से सफारी का अनुभव पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहेगा।
मानसून ब्रेक में जुटाए गए वन्यजीवों से जुड़े आंकड़े
सफारी बंद रहने के दौरान वन विभाग सिर्फ ट्रैक की मरम्मत ही नहीं करता, बल्कि वन्यजीवों से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े भी जुटाता है। मानसून ब्रेक के दौरान वन्यजीवों की स्थिति और उनसे जुड़े आंकड़ों को संकलित किया जाता है। वन विभाग इन आंकड़ों की जानकारी अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक केंद्रीय वन्यजीव प्रबंधन संस्थान को देगा। इसके बाद दिसंबर में केंद्र सरकार की ओर से संबंधित आंकड़े जारी किए जाएंगे।
लातेहार में बनेगी टाइगर सफारी
झारखंड में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार जंगल सफारी के साथ नए प्रोजेक्ट पर भी काम कर रही है। लातेहार जिले में टाइगर सफारी बनाने की घोषणा की गई है। इसके लिए वन विभाग की उपलब्ध जमीन को चिह्नित किया जा चुका है। योजना के अनुसार 2028 से पहले टाइगर सफारी शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करने के लिए नवंबर में केंद्रीय वन्यजीव संस्थान की टीम लातेहार पहुंच सकती है। टीम के दौरे के बाद परियोजना से जुड़ी तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
गिरिडीह और दुमका में भी चिड़ियाघर की तैयारी
झारखंड में वन्यजीव पर्यटन का दायरा बढ़ाने के लिए गिरिडीह और दुमका में चिड़ियाघर बनाने की दिशा में भी काम चल रहा है। दोनों परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इस तरह राज्य में जंगल सफारी, टाइगर सफारी और चिड़ियाघरों से जुड़ी योजनाओं के जरिए आने वाले वर्षों में वन्यजीव पर्यटन को विस्तार देने की तैयारी है।




