इन गांवों में पहुंचा बाढ़ का पानी
चंपारण तटबंध में कटाव के बाद पानी कई गांवों और आसपास के इलाकों में फैल गया है। प्रभावित बताए जा रहे क्षेत्रों में शामिल हैं:
- भरपटिया
- हरपुरवा
- चमैनिया
- भवानीपुर
- नवका टोला
- पिपरहिया
- महावीरपुर
- धनवतिया पिपरा
- बगही बघम्मरपुर
- कोहड़ा
- जगदम्बापुर
इन इलाकों में कई जगहों पर पानी घरों और रास्तों तक पहुंच गया है। निचले क्षेत्रों में पानी भरने से ग्रामीणों के लिए आवागमन भी मुश्किल हो गया है।
तेज बहाव से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार तटबंध टूटने के बाद पानी का बहाव तेज है और इसका दायरा लगातार बढ़ रहा है। खेत और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। जिन घरों में पानी प्रवेश कर चुका है, वहां रहने वाले परिवार जरूरी सामान लेकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती परिवार के बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को सुरक्षित रखने की है। कई लोग अपने पशुओं को भी बाढ़ के पानी से बाहर निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
जरूरी सामान बचाने में जुटे लोग
अचानक आई बाढ़ के कारण ग्रामीणों को घरों में रखे अनाज, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और अन्य सामान की भी चिंता सता रही है। कई परिवार पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए जरूरी वस्तुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी का फैलाव इसी गति से जारी रहा तो आसपास के अन्य गांव भी प्रभावित हो सकते हैं। यही वजह है कि लोग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन से राहत और बचाव की मांग
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और बचाव अभियान चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल के साथ पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था की जाए, ताकि पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की है, जिनमें प्रमुख रूप से:
- भोजन और पीने का पानी
- दवाइयां और स्वास्थ्य सुविधा
- सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था
- मवेशियों के लिए सुरक्षित जगह
- प्रभावित इलाकों में नाव और बचाव दल
योगापट्टी में बाढ़ से चुनौतीपूर्ण हुए हालात
चंपारण तटबंध टूटने के बाद योगापट्टी प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। पानी का फैलाव बढ़ने के साथ ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ रही है। फिलहाल प्रभावित लोगों की नजर प्रशासन की राहत और बचाव व्यवस्था पर है। समय पर राहत पहुंचाना और बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना प्रशासन के सामने तत्काल चुनौती है। वहीं, ग्रामीण भी आपसी सहयोग से परिवार और मवेशियों को सुरक्षित रखने में जुटे हुए हैं।



