Bhagalpur: बिहार के भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु पर गुरुवार से अगले तीन महीने तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थायी मरम्मत के लिए तीन महीने का मेगा ब्लॉक लिया गया है। बुधवार रात 12 बजे के बाद पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया। पुल की ओर पहुंचने वाले वाहनों को भी वापस भेज दिया गया।
पुल बंद होने से यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने गंगा के रास्ते वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था की है। गुरुवार सुबह से 11 क्रूज और यात्री जहाजों की मुफ्त सेवा शुरू होगी। वहीं, बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए सात कार्गो जहाज चलाने की तैयारी की गई है। हालांकि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण बाबूपुर घाट से कार्गो परिचालन फिलहाल तीन दिनों के लिए स्थगित किया गया है।
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क्यों बंद किया गया विक्रमशिला सेतु?
विक्रमशिला सेतु के एक क्षतिग्रस्त स्लैब को पूरी तरह बदलने का काम किया जाना है। इसके साथ ही पुल के तीन अन्य स्लैब में मौजूद खराबियों को भी ठीक किया जाएगा। मरम्मत के दौरान पुराने क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर नया स्लैब लगाया जाएगा। इसके अलावा दूसरे प्रभावित हिस्सों की मजबूती के लिए स्टील ट्रस ब्रिज तैयार किया जाएगा। इन सभी कार्यों के कारण पुल पर वाहनों की आवाजाही जारी रखना संभव नहीं है। मरम्मत प्रक्रिया के तहत पुल पर पहले से बना बेली ब्रिज भी खोला जाएगा। बीआरओ की टीम गुरुवार सुबह करीब पांच बजे से इसे हटाने का काम शुरू करेगी।
तीन महीने तक गंगा से होगा सफर
विक्रमशिला सेतु के बंद रहने के दौरान यात्रियों और छोटे वाहनों के लिए गंगा वैकल्पिक रास्ते के रूप में काम करेगी। प्रशासन की ओर से फेरी सेवा शुरू की जा रही है।
फेरी सेवा का समय:
- सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक परिचालन
- यात्रियों के लिए कोई किराया नहीं
- सूर्यास्त के बाद जहाजों का परिचालन नहीं
- साइकिल और एंबुलेंस को मुफ्त ले जाने की सुविधा
- बाइक और अन्य वाहनों के लिए निर्धारित शुल्क
फेरी सेवा में किराया वसूली और व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए मजिस्ट्रेट तथा सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
बाइक से लेकर भारी वाहनों तक तय हुआ शुल्क
गंगा के रास्ते वाहनों को ले जाने के लिए अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार शुल्क निर्धारित किया गया है। यात्रियों के साथ साइकिल और एंबुलेंस के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
| वाहन | लोडेड शुल्क | अनलोडेड शुल्क |
|---|---|---|
| मोटरसाइकिल | ₹50 | — |
| टोटो/ऑटो | ₹150 | — |
| ट्रैक्टर | ₹500 | ₹250 |
| पिकअप | ₹600 | ₹300 |
| कार/टैक्सी | ₹700 | — |
| 10 चक्का वाहन | ₹3,800 | ₹1,900 |
| 12 चक्का वाहन | ₹4,400 | ₹2,200 |
| 14 चक्का वाहन | ₹4,500 | ₹2,250 |
| 16 चक्का वाहन | ₹4,800 | ₹2,400 |
| 18 चक्का वाहन | ₹5,000 | ₹2,250 |
बढ़े जलस्तर के कारण बाबूपुर घाट से कार्गो सेवा रुकी
गंगा के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी है। सबौर के बाबूपुर घाट से कार्गो जहाजों का परिचालन तीन दिनों के लिए रोक दिया गया है। तीन दिन बाद नदी के जलस्तर और मौजूदा परिस्थितियों का आकलन किया जाएगा। स्थिति अनुकूल होने पर कार्गो सेवा दोबारा शुरू की जाएगी। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बुधवार को बियाडा घाट, बरारी घाट, बाबूपुर घाट और नवगछिया के जाह्नवी चौक घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
घाटों पर मेडिकल कैंप और पुलिस की तैनाती
फेरी सेवा को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए विभिन्न घाटों पर कई तरह की व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन की ओर से मेडिकल कैंप के साथ जीविका दीदी की रसोई, कंट्रोल रूम, आपदा मित्र और पुलिस बल की तैनाती की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के साथ यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए घाटों पर निगरानी रखी जाएगी। नदी मार्ग पर नावों से पेट्रोलिंग भी की जाएगी। इसके लिए अलग से रोस्टर तैयार किया गया है।
किसी परेशानी पर इस नंबर पर करें संपर्क
यात्रियों की शिकायत और सहायता के लिए जिला इमरजेंसी कंट्रोल रूम को सक्रिय रखा गया है। घाटों और नदी मार्ग से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी भी इसी व्यवस्था के जरिए की जाएगी। किसी समस्या, जरूरी जानकारी या सुझाव के लिए यात्री जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के टोल-फ्री नंबर 0641-2402871 पर संपर्क कर सकते हैं।
तीन महीने बदलेगा भागलपुर-नवगछिया का सफर
विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के कारण अगले तीन महीने तक भागलपुर और नवगछिया के बीच सड़क मार्ग से आवाजाही प्रभावित रहेगी। इस दौरान प्रशासन की फेरी और कार्गो सेवाएं लोगों के लिए वैकल्पिक परिवहन का माध्यम बनेंगी। हालांकि नदी का बढ़ता जलस्तर इस व्यवस्था के लिए एक अहम चुनौती रहेगा। ऐसे में यात्रियों को प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करते हुए निर्धारित समय और घाटों से ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।




