Meerut: चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में मेरठ की जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। जिला जज अरविंद कुमार शर्मा की अदालत में दोनों आरोपियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। अदालत ने फिलहाल सजा का ऐलान नहीं किया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 14 अक्टूबर को सजा के बिंदु पर फैसला सुनाया जाएगा। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 126 तारीखों पर कार्यवाही हुई और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ राजपूत की हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सौरभ के भाई बबलू ने ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, सौरभ ने वर्ष 2016 में मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। बाद में मुस्कान और साहिल शुक्ला के बीच संबंध होने की बात सामने आई थी। सौरभ के 5 मार्च को लापता होने के बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों को उसका किराए का मकान बंद मिला और मुस्कान भी वहां नहीं थी। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क कर मामले की जांच की मांग की।
पुलिस जांच में सामने आया मामला
पुलिस ने 18 मार्च 2025 को मामले का खुलासा करने का दावा किया था। पुलिस के अनुसार, सौरभ की हत्या के बाद उसके शव को एक नीले ड्रम में छिपाया गया था और ड्रम को सीमेंट से पैक किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने मुस्कान और साहिल को आरोपी बनाया। पुलिस के मुताबिक, दोनों हत्या के बाद मेरठ से बाहर गए थे और 17 मार्च को वापस लौटने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव के अवशेष बरामद करने का दावा किया था।
126 तारीखों तक चली मामले की सुनवाई
नीला ड्रम हत्याकांड की सुनवाई लंबे समय तक चली। अदालत में करीब 126 तारीखों पर सुनवाई हुई, जबकि अभियोजन की ओर से 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। जुलाई 2025 में ट्रायल शुरू होने के बाद मामले में लगभग 13 महीने तक विभिन्न चरणों में सुनवाई और बहस चली। इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। दोषसिद्धि के फैसले के दौरान सौरभ राजपूत के बड़े भाई राहुल राजपूत भी अदालत में मौजूद रहे। परिवार की ओर से आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग किए जाने की बात सामने आई है।
फैसले से पहले जेल में क्या कर रही थी मुस्कान?
फैसले से पहले जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मुस्कान पिछले कुछ दिनों से पूजा-पाठ में अधिक समय बिता रही थी। वहीं साहिल के व्यवहार में भी बदलाव देखने की बात कही गई। बताया गया कि वह अपेक्षाकृत शांत और गुमसुम रह रहा था। हालांकि, अदालत ने अभी सजा तय नहीं की है। 14 अक्टूबर को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि दोषी ठहराए गए दोनों आरोपियों को अदालत क्या दंड देती है।
अब 14 अक्टूबर पर टिकी नजर
मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत के दोषसिद्धि वाले फैसले के बाद अब अगली सुनवाई पर सबकी नजर है। फिलहाल मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या के मामले में दोषी करार दिया जा चुका है, जबकि सजा की अवधि और स्वरूप को लेकर अदालत का फैसला 14 अक्टूबर को आएगा।




