New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत की और मुश्किल हालात में उनकी बहादुरी की सराहना की। विमान में हुई गंभीर घटना के दौरान घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने सूझबूझ और साहस दिखाया, जिससे विमान में सवार यात्रियों और क्रू सदस्यों समेत करीब 180 लोगों की जान बचाने में मदद मिली। प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार से पूरी घटना की जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि अचानक पैदा हुए खतरे के बीच उन्होंने किस तरह स्थिति का सामना किया और अपना हौसला बनाए रखा। पीएम मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके साहस की प्रशंसा की।
फ्लाईदुबई विमान में आखिर क्या हुआ था?
बुधवार को फ्लाईदुबई का एक विमान दुबई से इस्राइल की राजधानी तेल अवीव के लिए उड़ान भर रहा था। इसी दौरान विमान के कॉकपिट में एक गंभीर घटना सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, विमान के सह-पायलट ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर नुकीली चीज से हमला कर दिया। हमले में कैप्टन मच्छार घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद कुछ यात्री कॉकपिट के अंदर पहुंचे और आरोपी सह-पायलट को काबू करने में मदद की। स्थिति नियंत्रित होने के बाद विमान को सुरक्षित तरीके से लैंड कराया गया। इस घटनाक्रम ने विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा पैदा कर दिया था, लेकिन पायलट की सूझबूझ और यात्रियों की मदद से बड़ी त्रासदी टल गई।
विमान में 174 यात्री थे सवार
जानकारी के मुताबिक, घटना के समय विमान में 174 यात्री सवार थे। इनमें करीब 150 इस्राइली नागरिक शामिल थे। इसके अलावा विमान में क्रू सदस्य भी मौजूद थे। घटना के दौरान पायलट के घायल होने के बावजूद विमान को सुरक्षित उतारना पूरे घटनाक्रम का अहम हिस्सा रहा। इसी वजह से कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका की व्यापक स्तर पर चर्चा हुई।
पीएम मोदी पहले भी कर चुके हैं कैप्टन की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि बेहद खतरनाक परिस्थितियों और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस का परिचय दिया। प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार के साहस को याद करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी। इसके बाद शुक्रवार को दोनों के बीच फोन पर हुई बातचीत में पीएम मोदी ने घटना को लेकर उनसे विस्तार से जानकारी ली।
BREAKING! PM Modi Holds Telephonic Conversation With Brave Captain Smit Machchhar https://t.co/KqD384q84y
— ANI (@ANI) October 2, 2026
नेतन्याहू और ट्रंप ने भी बताया हीरो
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा भारत के अलावा इस्राइल और अमेरिका में भी हुई। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट की हिम्मत की सराहना करते हुए उन्हें हीरो बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन मच्छार के साहस की तारीफ की। नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद भारतीय पायलट की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान गया।
संकट के समय सूझबूझ बनी सबसे बड़ी ताकत
फ्लाईदुबई विमान की इस घटना में सबसे अहम बात यह रही कि गंभीर स्थिति के बावजूद विमान को सुरक्षित लैंड कराया गया। कॉकपिट में पैदा हुए खतरे के बीच कैप्टन मच्छार द्वारा दिखाई गई सूझबूझ और यात्रियों की मदद से स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि विमानन क्षेत्र में आपात स्थिति के दौरान पायलट की निर्णय क्षमता और मानसिक मजबूती कितनी महत्वपूर्ण होती है। कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री मोदी समेत कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने इसी वजह से सराहना की है।




