रांची: वियतनाम में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले रांची निवासी राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर रविवार सुबह उनके घर पहुंचा। शव के घर पहुंचते ही सुखदेव नगर क्षेत्र के कैलाश नगर में मातम पसर गया। जिस बेटे के सकुशल लौटने की परिजन उम्मीद लगाए बैठे थे, उसकी जगह जब घर पर पार्थिव शरीर पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। अंतिम दर्शन के लिए आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे और पूरे इलाके का माहौल गमगीन हो गया।
राजा कुमार वर्मा वियतनाम में योग प्रशिक्षक के रूप में काम करते थे। 25 सितंबर को वहां हुए सड़क हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद उनका इलाज चल रहा था, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार और स्थानीय प्रशासन के सामने उनका पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती थी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर भारत लाया गया पार्थिव शरीर
राजा के निधन की जानकारी मिलने के बाद उनके पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास शुरू किए गए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर श्रम विभाग ने इस मामले में विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और वियतनामी अधिकारियों के साथ समन्वय किया। लगातार प्रयासों के बाद राजा का पार्थिव शरीर शनिवार को कोलकाता पहुंचा। वहां से आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद रविवार सुबह पार्थिव शरीर को रांची स्थित उनके घर लाया गया।
घर पहुंचते ही फूट पड़ा परिजनों का दर्द
राजा का पार्थिव शरीर जैसे ही कैलाश नगर स्थित घर पहुंचा, परिजनों का दर्द फूट पड़ा। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले के लोग भी बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। राजा के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। हर किसी की आंखों में गम था। जिस घर में परिवार के सदस्य राजा के वापस लौटने की उम्मीद कर रहे थे, वहां रविवार को अंतिम विदाई की तैयारी हो रही थी।
विधि-विधान से हुआ अंतिम संस्कार
वियतनाम से पार्थिव शरीर रांची पहुंचने के बाद परिवार ने पूरे विधि-विधान के साथ राजा को अंतिम विदाई दी। रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
राजा कुमार वर्मा से जुड़ी प्रमुख बातें
राजा कुमार वर्मा रांची के सुखदेव नगर क्षेत्र के रहने वाले थे और वियतनाम में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत थे। 25 सितंबर को वियतनाम में हुए सड़क हादसे में वह घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर कोलकाता पहुंचा, जिसके बाद रविवार सुबह उसे रांची स्थित उनके घर लाया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर श्रम विभाग ने विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और वियतनामी अधिकारियों के साथ समन्वय कर पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की प्रक्रिया पूरी कराई। रविवार को परिजनों ने विधि-विधान के साथ राजा कुमार वर्मा का अंतिम संस्कार किया। राजा के निधन से उनका परिवार ही नहीं, बल्कि कैलाश नगर और आसपास के लोग भी शोक में हैं। विदेश में हुई इस दुखद घटना ने परिवार को गहरा आघात दिया है। अब परिजनों और स्थानीय लोगों ने नम आंखों से राजा को अंतिम विदाई दी।




