Jharkhand: गुमला की महज 11 वर्षीय छात्रा आरोही खंडेलवाल ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। डीएवी पब्लिक स्कूल गुमला की कक्षा छह में पढ़ने वाली आरोही का नाम ‘बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया है। उन्होंने 11 वर्ष 7 माह 17 दिन की उम्र में कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में मानद डॉक्टरेट हासिल कर यह उपलब्धि अपने नाम की है। आरोही की इस उपलब्धि को लेकर स्कूल में भी खुशी का माहौल है। विद्यालय की वंदना सभा के दौरान उन्हें विश्व रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इतनी कम उम्र में मिली इस पहचान ने आरोही के परिवार, शिक्षकों और गुमला के लोगों को गौरवान्वित किया है।
कला और संस्कृति में कम उम्र में बड़ी उपलब्धि
आरोही खंडेलवाल ने कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कम उम्र में मानद डॉक्टरेट हासिल की। उनकी उम्र 11 साल, 7 महीने और 17 दिन थी, जब उन्होंने यह उपलब्धि प्राप्त की। इसी उपलब्धि के आधार पर उनका नाम बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। इस रिकॉर्ड ने आरोही को कम उम्र में कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में मानद डॉक्टरेट हासिल करने वाली बच्चियों में एक विशेष पहचान दिलाई है।
स्कूल में प्रमाणपत्र देकर किया गया सम्मान
आरोही की उपलब्धि की जानकारी सामने आने के बाद डीएवी पब्लिक स्कूल गुमला में उनके सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय की वंदना सभा में आरोही को विश्व रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्या माधवी पांडेय ने आरोही की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में इस स्तर की सफलता हासिल करना उसकी प्रतिभा, मेहनत और निरंतर अभ्यास का परिणाम है।
प्रधानाचार्या ने की आरोही की तारीफ
प्रधानाचार्या माधवी पांडेय ने आरोही की रचनात्मक सोच और कला के प्रति लगन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए प्रतिभा के साथ निरंतर प्रयास जरूरी है और आरोही ने कम उम्र में इसका उदाहरण पेश किया है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोही की उपलब्धि केवल विद्यालय के लिए ही नहीं, बल्कि गुमला जिले के लिए भी गर्व की बात है। उनकी सफलता दूसरे विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकती है।
आरोही की सफलता पर मिल रही बधाइयां
आरोही खंडेलवाल की इस उपलब्धि की खबर सामने आने के बाद उन्हें बधाई देने वालों का सिलसिला जारी है। परिवार, स्कूल के शिक्षक और स्थानीय लोग उनकी सफलता पर खुशी जाहिर कर रहे हैं। कम उम्र में कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में मिली यह पहचान आरोही के लिए आगे की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। उनकी उपलब्धि यह भी दिखाती है कि सही मार्गदर्शन, अभ्यास और लगन के साथ छोटी उम्र में भी बच्चे अपनी प्रतिभा के दम पर बड़ी पहचान बना सकते हैं।




