पश्चिम चंपारण: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में मंगलवार को मध्यान्ह भोजन (MDM) को लेकर एक सरकारी स्कूल में जमकर हंगामा हुआ। वार्ड नंबर-7 स्थित राजकीय मध्य विद्यालय हिंदी, शिवगंज में छात्रों ने स्कूल में दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए चावल में मरा हुआ चूहा मिलने का आरोप लगाया। घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में जुट गए और भोजन व्यवस्था के खिलाफ विरोध जताने लगे। छात्रों का आरोप था कि विद्यालय में मिलने वाला मध्यान्ह भोजन ठीक तरीके से तैयार नहीं किया जाता है। उनका कहना था कि मंगलवार को भोजन के दौरान चावल की स्थिति खराब नजर आई और उसमें से दुर्गंध भी आ रही थी। छात्रों के मुताबिक, चावल की जांच करने पर उसमें मरा हुआ चूहा दिखाई दिया। हालांकि, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने इस आरोप को पूरी तरह गलत बताया है।
MDM को लेकर स्कूल में छात्रों ने किया विरोध
मध्यान्ह भोजन में कथित तौर पर मरा चूहा मिलने की बात सामने आने के बाद स्कूल में अफरातफरी मच गई। छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता और स्कूल की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। देखते ही देखते कई छात्र-छात्राएं परिसर में जमा हो गए और विरोध करने लगे। छात्रों ने केवल MDM की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि शिक्षकों पर पढ़ाई में लापरवाही और दुर्व्यवहार करने के आरोप भी लगाए। इन आरोपों को लेकर छात्रों और शिक्षकों के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद विद्यालय परिसर का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस ने संभाली स्थिति, शिक्षक को थाने ले गई
स्कूल में हंगामे की जानकारी मिलने पर शिकारपुर थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। एसआई रामजी पासवान और खुर्शीद आलम पुलिस बल के साथ विद्यालय पहुंचे और छात्रों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया। इसी दौरान शिक्षक संजय पांडेय को पुलिस अपने साथ थाने ले गई। शिक्षक को स्कूल से बाहर ले जाने के दौरान परिसर में कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बनी रही। पुलिस की मौजूदगी में हालात को नियंत्रित किया गया और स्कूल में सामान्य स्थिति बहाल करने का प्रयास किया गया।
प्रधानाध्यापिका ने चावल में चूहा मिलने के आरोप से किया इनकार
वहीं, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शकुंतला देवी ने छात्रों के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन के चावल में मरा हुआ चूहा मिलने की बात सही नहीं है। प्रधानाध्यापिका के मुताबिक, स्कूल में छात्रों और शिक्षकों के बीच विवाद की स्थिति जरूर बनी थी, लेकिन भोजन में चूहा मिलने का आरोप सही नहीं है। इस बयान के बाद मामले को लेकर स्थिति और स्पष्ट जांच की जरूरत बढ़ गई है।
जांच के बाद ही साफ होगी घटना की सच्चाई
फिलहाल इस पूरे मामले में छात्रों और विद्यालय प्रबंधन के बयान एक-दूसरे से अलग हैं। एक तरफ छात्र MDM के चावल में मरा चूहा मिलने का दावा कर रहे हैं, जबकि प्रधानाध्यापिका ने इस आरोप से इनकार किया है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। भोजन के नमूने, स्कूल की MDM व्यवस्था और मौके पर मौजूद लोगों के बयान की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चावल में वास्तव में क्या मिला था और विवाद की असली वजह क्या थी।




