Hazaribagh: झारखंड के हजारीबाग जिले के बरकट्ठा प्रखंड स्थित सिजुआ गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। जर्जर सड़क, पेयजल की समस्या, बिजली की अनुपलब्धता और आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने से परेशान सैकड़ों ग्रामीण हजारीबाग समाहरणालय पहुंचे। यहां उन्होंने अव्यवस्थाओं के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी समस्याएं उठाईं। इसके बाद उपायुक्त हेमंत सती और सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय ने ग्रामीणों से बातचीत की और जल्द समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
सिजुआ गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
ग्रामीणों के अनुसार, बरकट्ठा प्रखंड के सिजुआ गांव में आज भी कई ऐसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिन्हें ग्रामीण जीवन के लिए जरूरी माना जाता है। गांव तक पहुंचने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि साइकिल से आवागमन करना भी मुश्किल हो गया है। खराब सड़क के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है। वहीं, गांव में पेयजल और बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
चुआं का पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
सिजुआ गांव में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को चुआं के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। बिजली की सुविधा नहीं होने से भी लोगों को रोजमर्रा के कामों में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण गांव के विकास की रफ्तार प्रभावित हो रही है।
आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने से परेशानी
गांव में आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा भी ग्रामीणों ने प्रमुखता से उठाया। इससे छोटे बच्चों की शुरुआती शिक्षा और पोषण से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच प्रभावित हो रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थानीय स्तर पर व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को इलाज के लिए दूसरे स्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि गांव में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
समाहरणालय पहुंचकर ग्रामीणों ने उठाई आवाज
अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सिजुआ गांव के सैकड़ों ग्रामीण हजारीबाग समाहरणालय पहुंचे। ग्रामीणों ने परिसर में नारेबाजी कर प्रशासन का ध्यान गांव की बदहाल स्थिति की ओर आकर्षित किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय और उपायुक्त हेमंत सती ने ग्रामीणों को सभागार में बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं। बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत समेत पेयजल, बिजली, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था करने की मांग रखी।
उपायुक्त ने जल्द समाधान का दिया भरोसा
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान उपायुक्त हेमंत सती ने सड़क की मरम्मत कराने और गांव में अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि उपायुक्त ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना है। उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई करेगा और गांव की स्थिति में सुधार होगा। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है। सिजुआ गांव के लोगों के लिए सबसे बड़ी जरूरत आश्वासन को जमीन पर उतारने और सड़क, स्वच्छ पेयजल, बिजली, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की है।



