Nemra: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को अपने पैतृक गांव नेमरा में दिवंगत मां रूपी सोरेन के श्राद्ध-कर्म के पांचवें दिन की रस्में पूरी कीं। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ गांव की परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान किया। मां को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने श्रद्धा के साथ उन्हें नमन किया। श्राद्ध-कर्म की रस्में परिजनों की मौजूदगी में पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुईं। इस दौरान परिवार के लोग भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के पालन में शामिल रहे। मां के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव में पारिवारिक और धार्मिक परंपराओं के अनुसार सभी रस्में निभा रहे हैं।
7 अक्टूबर की रात हुआ था रूपी सोरेन का निधन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का 7 अक्टूबर की रात रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। वह झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी थीं। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक का माहौल बन गया था। परिवार के लिए यह एक बड़ी व्यक्तिगत क्षति थी।
8 अक्टूबर को नेमरा में हुआ था अंतिम संस्कार
रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार 8 अक्टूबर को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां को मुखाग्नि दी थी। अंतिम संस्कार के बाद अब परिवार गांव की परंपराओं के अनुसार श्राद्ध-कर्म की रस्में पूरी कर रहा है। सोमवार को पांचवें दिन का अनुष्ठान भी इसी क्रम में संपन्न हुआ।




