मानसा: पंजाब के मानसा में मंगलवार सुबह नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना में उनके साथ मौजूद तीन अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात के बाद इलाके में तनाव और लोगों में आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, परमिंदर सिंह झोटा अपनी टीम के साथ एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे। इसी दौरान गोलीबारी की घटना हुई। उन्हें और घायल युवकों को तत्काल मानसा के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परमिंदर सिंह झोटा को मृत घोषित कर दिया। घायल युवकों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मेडिकल स्टोर पर हुई गोलीबारी, सोशल मीडिया लाइव का दावा
जानकारी के अनुसार, परमिंदर सिंह झोटा अपनी टीम के साथ मेडिकल स्टोर पर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि उस समय सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण भी किया जा रहा था। आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक ने इसी दौरान गोली चला दी। दावा किया जा रहा है कि घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। हालांकि, गोलीबारी किस वजह से हुई और इसमें किसकी भूमिका थी, इसे लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
#BREAKING: पंजाब के मानसा में परमिंदर सिंह झोटा की हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, गोलीबारी में तीन युवक घायल हुए हैं।
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— JH LIVE (@jhliveonline) October 13, 2026
तीन युवक गंभीर रूप से घायल
गोलीबारी में परमिंदर सिंह झोटा के साथ मौजूद तीन युवकों को भी गोली लगी। घायलों की पहचान कुलविंदर सिंह, गोबिंद सिंह और बलतेज सिंह के रूप में हुई है। तीनों को मानसा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की खबर फैलने के बाद अस्पताल और आसपास के इलाकों में लोगों की भीड़ जुटने लगी। स्थानीय लोगों में इस वारदात को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
चिट्टा और नशीली गोलियों की बिक्री के खिलाफ चलाते थे अभियान
परमिंदर सिंह झोटा पंजाब में नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को लेकर चर्चा में रहते थे। उनका अभियान मुख्य रूप से चिट्टा यानी हेरोइन और मेडिकल स्टोर के माध्यम से कथित तौर पर अवैध रूप से बेची जाने वाली नशीली गोलियों के खिलाफ था। बताया जाता है कि वह अपनी टीम के साथ उन स्थानों पर पहुंचते थे, जहां नशीले पदार्थों की बिक्री होने का संदेह होता था। इस दौरान वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा भी किए जाते थे। उनकी मुहिम से मालवा क्षेत्र के कई गांवों में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की गई थी। फिलहाल हत्या के पीछे नशे के खिलाफ अभियान, पुरानी रंजिश या कोई अन्य वजह होने की आशंका को लेकर चर्चा है। हालांकि, किसी भी संभावित कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने शुरू की जांच, सीमाओं पर नाकाबंदी
वारदात की सूचना मिलते ही पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। हमलावरों की तलाश के लिए मानसा जिले की सीमाओं पर नाकाबंदी किए जाने की जानकारी है। जांच के तहत आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके। पुलिस घटना के क्रम और गोलीबारी के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।
हत्या के बाद इलाके में तनाव, लोगों में नाराजगी
परमिंदर सिंह झोटा की हत्या की खबर सामने आने के बाद मानसा और आसपास के मालवा क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय लोगों के बीच घटना को लेकर आक्रोश है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। यह घटना पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों और उनसे जुड़े विवादों को लेकर फिर सवाल खड़े करती है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस वारदात के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें कौन-कौन शामिल है।




