Ranchi News: रांची के कांके स्थित खाद एवं कृषि पदाधिकारी के घर हुई डकैती के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। पुलिस को आशंका है कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को घर और पदाधिकारी से जुड़ी जानकारी पहले से हो सकती है। इस मामले में पुलिस सोनू सिंह और मोनू सिंह नाम के दो भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं, प्रेम नगर निवासी रोशन कुजूर समेत कुछ अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कांके डकैती कांड में परिचितों की भूमिका की जांच
डीएसपी अमर कुमार पांडे के मुताबिक, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की छानबीन कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों को पदाधिकारी के घर की जानकारी कैसे मिली और वारदात में किन लोगों की भूमिका हो सकती है। पुलिस को संदेह है कि घटना में शामिल लोग पीड़ित परिवार के परिचित या उनके आसपास के संपर्कों से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सोनू और मोनू सिंह से पूछताछ
पुलिस ने सोनू सिंह और मोनू सिंह पर संदेह जताया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों के संपर्क कांके के प्रेम नगर समेत विभिन्न इलाकों में रहने वाले कुछ आपराधिक गतिविधियों में शामिल संदिग्ध लोगों से होने की आशंका है। पुलिस दोनों भाइयों से पूछताछ कर रही है, ताकि डकैती की घटना से जुड़े संभावित सुराग मिल सकें। जानकारी के अनुसार, सोनू और मोनू सिंह के खिलाफ पहले भी गोंदा समेत रांची के कुछ थानों में आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। इन पुराने मामलों और मौजूदा घटना के बीच किसी संबंध की भी जांच की जा सकती है।
रोशन कुजूर की तलाश में छापेमारी
इस मामले में पुलिस प्रेम नगर निवासी रोशन कुजूर समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। रोशन की तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस को आरोपियों की तलाश, जांच जारी
कांके में खाद एवं कृषि पदाधिकारी के घर हुई डकैती के मामले में पुलिस की जांच का मुख्य फोकस संदिग्धों की पहचान, उनके आपसी संपर्क और वारदात से जुड़े साक्ष्य जुटाने पर है। फिलहाल, किसी भी संदिग्ध की भूमिका को अंतिम रूप से साबित नहीं माना जा सकता। मामले में आगे की स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध सबूतों पर निर्भर करेगी।
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