Lucknow: शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार आरोपियों की तलाश तेज हो गई है। लखनऊ पुलिस ने मॉडल श्रद्धा दुबे और अन्य फरार आरोपियों पर इनाम की राशि 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी है। पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। हालांकि, अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
श्रद्धा दुबे समेत तीन आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट
इस मामले में हाल ही में लखनऊ की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत ने मॉडल श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इनाम की राशि बढ़ाने का उद्देश्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाना और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करना है।
नेपाल में दिखने का दावा, तस्वीरों की पुष्टि नहीं
मामले में फरार श्रद्धा दुबे के नेपाल में होने की चर्चा भी सामने आई है। कुछ तस्वीरों और सीसीटीवी फुटेज को लेकर दावा किया गया कि उनमें श्रद्धा अपने सहयोगी आदिल के साथ साइकिल रिक्शे पर दिखाई दे रही हैं। हालांकि, इन तस्वीरों और वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच श्रद्धा दुबे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया। उसने दावा किया कि शिवा शर्मा की मौत हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या थी। श्रद्धा के अनुसार, उसने शिवा को बालकनी से कूदते हुए देखा था। उसने यह भी दावा किया कि शिवा आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था और उस पर 15 से 20 लाख रुपये का कर्ज था। ये सभी श्रद्धा के अपने दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिवा की मां ने लगाया हत्या का आरोप
दूसरी ओर, शिवा शर्मा की मां ने पुलिस को दी गई शिकायत में श्रद्धा दुबे और उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शिवा की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। उन्होंने श्रद्धा को शिवा का लिव-इन पार्टनर भी बताया है। इस तरह मामले में एक ओर मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि श्रद्धा दुबे ने इन आरोपों को नकारते हुए आत्महत्या का दावा किया है।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी पर नजर
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। इनाम की राशि बढ़ाए जाने और गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है। अब इस मामले में पुलिस की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी अहम होगी। मौत की परिस्थितियों और दोनों पक्षों के दावों की सच्चाई जांच पूरी होने तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।



