Ranchi: झारखंड की गिरिडीह विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है। हालांकि, इस साल चुनाव होने की संभावना कम मानी जा रही है। राजनीतिक और प्रशासनिक परिस्थितियों को देखते हुए फरवरी 2027 में उपचुनाव कराये जाने के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के साथ ही गिरिडीह सीट पर भी मतदान कराया जा सकता है। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। गिरिडीह विधानसभा सीट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद रिक्त हुई है। ऐसे में इस सीट पर उपचुनाव कराना जरूरी है। अब सभी की नजर चुनाव आयोग के अगले कदम और चुनाव कार्यक्रम की घोषणा पर टिकी है।
एसआइआर के कारण इस साल चुनाव कराना मुश्किल
झारखंड में इन दिनों मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया चल रही है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 30 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जानी है। इसके बाद दिसंबर में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इन तैयारियों के बीच गिरिडीह उपचुनाव के लिए इसी साल समय निकालना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। मतदाता सूची को अंतिम रूप देना और चुनाव से जुड़ी तकनीकी तैयारियां पूरी करना आयोग के लिए अहम होगा। एसआइआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मतदाताओं से संबंधित अद्यतन आंकड़े उपलब्ध होंगे। इसके आधार पर उपचुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
फरवरी 2027 में गिरिडीह उपचुनाव के संकेत
चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से ऐसी संभावना जताई जा रही है कि गिरिडीह उपचुनाव फरवरी 2027 में कराया जा सकता है। इसी अवधि में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में दोनों चुनावों के कार्यक्रम आसपास रखे जाने की चर्चा है। हालांकि, इसे अभी संभावित कार्यक्रम के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। आयोग ने गिरिडीह उपचुनाव की तारीख, मतदान और मतगणना को लेकर कोई औपचारिक जानकारी जारी नहीं की है। उपचुनाव की तारीख तय होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गिरिडीह में मतदान किस दिन होगा और चुनावी प्रक्रिया कब से शुरू की जाएगी।
छह मार्च 2027 तक कराना होगा उपचुनाव
गिरिडीह विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कानूनी समय-सीमा भी महत्वपूर्ण है। जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत सामान्य परिस्थितियों में विधानसभा की रिक्त सीट पर छह महीने के भीतर उपचुनाव कराया जाता है, हालांकि कानून में कुछ अपवाद भी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का निधन 6 सितंबर 2026 को हुआ था। इस आधार पर छह महीने की अवधि 6 मार्च 2027 को पूरी होगी। इसलिए, यदि कोई कानूनी अपवाद लागू नहीं होता है, तो इस समय-सीमा के भीतर उपचुनाव कराना होगा। इस लिहाज से फरवरी 2027 में चुनाव कराये जाने की संभावना समय-सीमा के अनुरूप बैठती है। हालांकि, अंतिम फैसला चुनाव आयोग को ही लेना है।
गिरिडीह की राजनीति में उपचुनाव पर नजर
गिरिडीह विधानसभा सीट पर उपचुनाव झारखंड की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगा। इस सीट पर नए प्रतिनिधि का चुनाव क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। संभावित चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों की रणनीति और उम्मीदवारों को लेकर भी आगे हलचल बढ़ सकती है। फिलहाल मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी तैयारियों के पूरा होने का इंतजार है। ऐसे में गिरिडीह उपचुनाव को लेकर फरवरी 2027 की संभावना चर्चा में है, लेकिन आधिकारिक कार्यक्रम सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।



