Jamshedpur: सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली निवासी अरमान आलम की सऊदी अरब में एयर स्ट्राइक के दौरान मौत होने की खबर से परिवार में मातम पसरा है। परिजनों ने गुरुवार देर रात उनकी मौत की पुष्टि की। परिवार को 20 अक्टूबर को फोन के जरिए घटना की जानकारी दी गई थी। अरमान का पार्थिव शरीर सऊदी अरब से आने के बाद बिहार के नवादा जिले में स्थित उनके पैतृक गांव में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। परिवार के सदस्य नवादा पहुंच चुके हैं और शव के आने का इंतजार कर रहे हैं।
18 से 20 वर्षों से खाड़ी देशों में कर रहे थे काम
अरमान आलम मूल रूप से बिहार के नवादा जिले के रहने वाले थे। उनका कपाली में भी घर था। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां निभाने के लिए वह पिछले 18 से 20 वर्षों से खाड़ी देशों में काम कर रहे थे। वर्तमान में वह सऊदी अरब के जेद्दा शहर में एक कंपनी में कार्यरत थे। इसी दौरान उनकी मौत की सूचना परिवार तक पहुंची। विदेश में लंबे समय तक काम कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले अरमान की मौत से उनके करीबियों और परिजनों को गहरा सदमा लगा है।
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नवादा में पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहा परिवार
अरमान आलम अपने पीछे एक बेटा और दो बेटियां छोड़ गए हैं। पिता की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन अब उनके पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। शव आने के बाद नवादा स्थित पैतृक गांव में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। परिवार के सदस्य नवादा पहुंच गए हैं, जहां अंतिम विदाई की तैयारी की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अरमान वर्षों से अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए विदेश में रह रहे थे। उनकी अचानक मौत ने परिवार के सामने भावनात्मक और आर्थिक, दोनों तरह की चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। फिलहाल परिजन उनके पार्थिव शरीर के आने और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।



