Jamshedpur: टाटानगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की योजना के तहत शहर में यातायात व्यवस्था को नया रूप देने की तैयारी चल रही है। जुगसलाई से गोलपहाड़ी की ओर बन रही करीब 1.5 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है। रेलवे को उम्मीद है कि जनवरी तक सड़क तैयार हो जाएगी। इसके चालू होने के बाद प्रदीप मिश्रा चौक से स्टेशन की ओर जाने वाली मौजूदा सड़क बंद कर दी जाएगी। इस रास्ते को स्टेशन के पुनर्विकास कार्य में शामिल किया जाएगा। करीब 1000 करोड़ रुपये की पुनर्विकास योजना के तहत टाटानगर स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने के साथ प्लेटफॉर्म की संख्या भी दोगुनी की जाएगी। नया स्टेशन भवन, आधुनिक कोचिंग डिपो, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं से स्टेशन की तस्वीर बदलने की तैयारी है।
जनवरी तक तैयार हो सकती है फोरलेन सड़क
जुगसलाई से गोलपहाड़ी की ओर जाने वाली नई सड़क स्टेशन के आसपास यातायात का दबाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पहले संकटा सिंह पेट्रोल पंप से गोलपहाड़ी तक सड़क निर्माण की योजना थी, लेकिन बाद में इसमें बदलाव किया गया। अब सड़क को रेल एसपी कार्यालय के पास तक बनाया जा रहा है। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क को चौड़ा कर फोरलेन बनाया जा रहा है। इसके शुरू होने से जुगसलाई और टाटानगर स्टेशन के आसपास आने-जाने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। रेलवे की योजना के अनुसार, नई सड़क चालू होने के बाद प्रदीप मिश्रा चौक से स्टेशन की ओर जाने वाले मौजूदा मार्ग को बंद कर दिया जाएगा। इस हिस्से का इस्तेमाल स्टेशन के पुनर्विकास से जुड़े कार्यों के लिए किया जाएगा। ऐसे में सड़क शुरू होने के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों को स्टेशन पहुंचने के लिए नए यातायात मार्ग का ध्यान रखना होगा।
1000 करोड़ रुपये से बदलेगी टाटानगर स्टेशन की तस्वीर
टाटानगर रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के लिए करीब 1000 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। इसके तहत स्टेशन की क्षमता बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर दिया जा रहा है।
पुनर्विकास परियोजना के प्रमुख प्रस्ताव इस प्रकार हैं:
- नया स्टेशन भवन: पहले चरण में करीब 283 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण की योजना।
- आधुनिक कोचिंग डिपो: वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव।
- प्लेटफॉर्म का विस्तार: मौजूदा पांच प्लेटफॉर्म के अतिरिक्त पांच नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे।
- लिफ्ट और एस्केलेटर: यात्रियों की सुविधा के लिए 16 लिफ्ट और 14 एस्केलेटर लगाने की योजना।
- आधुनिक यात्री सुविधाएं: प्रतीक्षालय, हेल्प डेस्क, फूड कियोस्क और टैक्सी काउंटर जैसी सुविधाओं का विकास।
इन योजनाओं के पूरा होने पर टाटानगर स्टेशन की यात्री क्षमता और परिचालन व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है।
उत्तर और दक्षिण छोर पर बनेंगे आधुनिक स्टेशन भवन
पुनर्विकास योजना में स्टेशन के दोनों प्रवेश छोरों को विकसित करने का प्रस्ताव है। उत्तरी छोर पर जी-प्लस-3 यानी चार स्तरों वाला भवन बनाया जाएगा, जबकि दक्षिणी छोर पर जी-प्लस-6 यानी सात स्तरों वाला भवन विकसित करने की योजना है। दोनों भवनों को एलिवेटेड एयर कॉन्कोर्स से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने और स्टेशन के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। इस व्यवस्था से यात्रियों की आवाजाही को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में भी मदद मिल सकती है।
दक्षिणी प्रवेश द्वार पर मिलेंगी यात्री सुविधाएं
स्टेशन के मौजूदा प्रवेश द्वार को दक्षिणी स्टेशन भवन के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां यात्रियों के लिए बड़ा प्रतीक्षालय, फूड कियोस्क, टैक्सी काउंटर और हेल्प डेस्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। वहीं, बर्मामाइंस की ओर स्थित प्रवेश द्वार को उत्तरी स्टेशन भवन के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे स्टेशन के दोनों ओर से आने वाले यात्रियों को बेहतर पहुंच सुविधा मिल सकेगी।
सड़क निर्माण से स्टेशन विस्तार के काम को मिलेगी गति
दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के सीनियर डीसीएम के अनुसार, टाटानगर स्टेशन के पुनर्विकास से जुड़े कार्यों में तेजी लाई गई है। जनवरी तक फोरलेन सड़क तैयार होने के बाद स्टेशन के विस्तार से संबंधित काम को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। टाटानगर झारखंड के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यहां प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ने, आधुनिक भवन बनने और बेहतर यातायात व्यवस्था विकसित होने से यात्रियों को लाभ मिल सकता है। हालांकि, नई सड़क चालू होने के बाद स्टेशन जाने वाले मार्ग में बदलाव होगा, इसलिए यात्रियों को यात्रा से पहले प्रवेश मार्ग और यातायात संबंधी अपडेट पर ध्यान देना चाहिए।



