Ranchi: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के रवि कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि SIR से जुड़े मामलों में दस्तावेजों और अभिलेखों की गहन जांच व सत्यापन के बाद ही अंतिम आदेश पारित किए जाएं। किसी भी स्थिति में बिना समुचित परीक्षण के सामूहिक रूप से आदेश जारी नहीं किए जाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सुनवाई की प्रक्रिया तेज करने और मतदाता सूची से जुड़े आवेदनों के डिजिटाइजेशन में तेजी लाने को कहा है।
SIR मामलों में बिना जांच के आदेश जारी करने पर रोक
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों और उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा की। बैठक में उन्होंने नो-मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े मामलों की सुनवाई पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच कर नियमानुसार निर्णय लिया जाए। CEO ने स्पष्ट किया कि सुनवाई और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी किए बिना सामूहिक रूप से अंतिम आदेश पारित करना उचित नहीं होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में निर्णय निर्धारित नियमों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हों।
फॉर्म-6, 7 और 8 के डिजिटाइजेशन में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में मतदाता सूची से संबंधित विभिन्न प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। CEO ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से प्राप्त आवेदनों को ECINet पर जल्द से जल्द डिजिटाइज किया जाए।
इन प्रपत्रों का उपयोग अलग-अलग मतदाता संबंधी प्रक्रियाओं में किया जाता है:
- फॉर्म-6: मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए।
- फॉर्म-7: मतदाता सूची में नाम हटाने या उससे संबंधित आपत्ति दर्ज कराने के लिए।
- फॉर्म-8: मतदाता सूची में प्रविष्टियों में सुधार और अन्य निर्धारित बदलावों के लिए।
उन्होंने सुनवाई की नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा, ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
26 अक्टूबर की बैठक में राजनीतिक दलों से साझा होगी प्रगति
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 26 अक्टूबर को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में SIR की प्रगति से संबंधित जानकारी साझा की जाएगी। इसे देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को सुनवाई के लंबित मामलों में तेजी लाने और ECINet पर प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन की प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
नए मतदाताओं के लिए विशेष कैंप लगाने का निर्देश
CEO के रवि कुमार ने होम-टू-रोल सत्यापन के लिए संबंधित अधिकारियों को भौतिक निरीक्षण करने को कहा। इसके साथ ही नए पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए फॉर्म-6 के माध्यम से विशेष कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया गया। खास तौर पर उन क्षेत्रों में ऐसे कैंप लगाने पर जोर दिया गया है, जहां जनजातीय समुदायों की आबादी अधिक है। इसका उद्देश्य पात्र लोगों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया में सहायता देना है। झारखंड में SIR की प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों के सामने सुनवाई, दस्तावेजों के सत्यापन और आवेदनों के डिजिटाइजेशन जैसे काम महत्वपूर्ण हैं। CEO के निर्देशों के बाद अब इन सभी गतिविधियों की प्रगति और समय पर निष्पादन पर नजर रहेगी।
Also Read: रांची में एयर गन के साथ पकड़ा गया ऑटो चालक, पंडरा पुलिस कर रही पूछताछ – PRATAH NEWZ




