Patna: बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों पर मतगणना के दौरान पटना में CCTV कैमरों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मतगणना केंद्र पर कैमरे नहीं होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस उम्मीदवार संजय यादव ने विरोध जताया। वहीं, जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह ने भी इस व्यवस्था पर सवाल उठाए। इस घटनाक्रम के बाद मतगणना की पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उम्मीदवारों की ओर से उठाए गए सवालों के बीच जिला प्रशासन ने अपना पक्ष रखा है। पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार के अनुसार, इस चुनाव की मतगणना के दौरान CCTV कैमरे नहीं लगाए जाते और उम्मीदवारों को पहले ही इस व्यवस्था की जानकारी दी गई थी।
CCTV कैमरे नहीं होने पर उम्मीदवारों ने जताई नाराजगी
बिहार विधान परिषद चुनाव की मतगणना के दौरान CCTV व्यवस्था का मुद्दा सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई। कांग्रेस उम्मीदवार संजय यादव ने मतगणना केंद्र पर कैमरे नहीं होने का आरोप लगाते हुए विरोध किया। जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह ने भी इस व्यवस्था पर सवाल उठाए। उम्मीदवारों की चिंता मतगणना की प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता को लेकर है। उनका विरोध ऐसे समय सामने आया है, जब चुनाव परिणामों पर विभिन्न राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर बनी हुई है।
प्रशासन ने CCTV व्यवस्था पर क्या कहा?
पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार के मुताबिक, स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के इस चुनाव की मतगणना में CCTV कैमरे लगाने की व्यवस्था नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि उम्मीदवारों को इस बारे में पहले से जानकारी दी गई थी। इस तरह प्रशासन ने कैमरे नहीं लगाए जाने को निर्धारित व्यवस्था से जोड़कर अपना पक्ष रखा है। वहीं, उम्मीदवारों की ओर से पारदर्शिता को लेकर उठाए गए सवालों ने इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।
चुनाव परिणामों पर टिकी राजनीतिक दलों की नजर
मतगणना के दौरान उठे इस विवाद के बीच राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के समर्थक परिणामों का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल विवाद से जुड़े आरोपों और प्रशासन के बयान के अलावा किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए पर्याप्त जानकारी सामने नहीं है। चुनाव परिणामों की स्थिति स्पष्ट होने के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना जरूरी है। साथ ही, मतगणना की प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर संबंधित पक्षों की पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही मामले का व्यापक आकलन किया जा सकेगा।



