Ranchi : विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा स्टेशन रोड स्थित ग्रीन होराइजन होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने झारखंड में तेजी से बढ़ते धर्मांतरण, घुसपैठ और जनसंख्या असंतुलन पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य को “विदेशियों और विधर्मियों” से बचाने के लिए ठोस कार्यनीति अपनाने की आवश्यकता है।
परांडे ने कहा कि साहिबगंज और पाकुड़ जैसे सीमावर्ती जिलों में म्यांमार और बांग्लादेशी मुस्लिमों की घुसपैठ चिंता का विषय बन चुकी है, वहीं सिमडेगा जैसे आदिवासी बहुल जिलों में ईसाई मिशनरियों द्वारा बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “गौ तस्करी, लव जिहाद और भूमि अधिग्रहण के माध्यम से आदिवासी समाज को कमजोर करने के षड्यंत्र चल रहे हैं।”
जनसंख्या असंतुलन के चार मुख्य कारणों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा:
1. ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण
2. मुस्लिम समुदाय द्वारा लव जिहाद
3. सीमा क्षेत्रों में विदेशी घुसपैठ
4. हिंदू जनसंख्या में निरंतर गिरावट
उन्होंने आरोप लगाया कि जनजातीय बेटियों से विवाह कर राजनीतिक लाभ और ज़मीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
परांडे ने विहिप के राष्ट्रीय अभियानों की जानकारी देते हुए बताया कि हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के लिए देशभर में अभियान चल रहा है। हाल ही में विजयवाड़ा में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया था, और इस वर्ष अन्य राज्यों में भी ऐसे कार्यक्रम होंगे। इस विषय पर राज्य सरकारों, विधायकों और सांसदों से वार्ता की जा रही है ताकि संबंधित कानून बन सके।
इस अवसर पर विहिप झारखंड प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत और प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र भी उपस्थित रहे। उन्होंने झारखंड में विहिप के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की।



