Ranchi: जमशेदपुर के MGM अस्पताल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ अस्पताल भवन का एक हिस्सा गिरने से तीन लावारिस मरीज़ों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने एक बार फिर अस्पतालों की जर्जर व्यवस्था और सरकारी लापरवाही की पोल खोल कर रख दी है।
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हादसे की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवज़ा देने की घोषणा की। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है—जब मरीज़ ही लावारिस थे, तो यह मुआवज़ा लेगा कौन?
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है, वहीं अस्पताल प्रशासन ने मामले को “दुर्घटना” बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की है।
प्रश्नचिह्न और चिंता:
अस्पताल की इमारत का निरीक्षण कब हुआ था?
लावारिस मरीज़ों की पहचान क्यों नहीं हो पाई?
अगर मृतकों के परिजन ही नहीं हैं, तो सरकारी मुआवज़े का क्या होगा?
इस घटना ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



