Ranchi : सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, रांची में चल रहे छह दिवसीय आचार्य प्रशिक्षण वर्ग सह कार्यशाला का चौथा दिन सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुआ। दिन की शुरुआत दीप प्रज्वलन, पुष्पार्चन और सरस्वती वंदना से हुई। उच्च माध्यमिक खंड की आचार्या अमिता सिंह ने एकल गीत “हे शारदे मां” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिससे वातावरण भक्ति एवं प्रेरणा से भर गया। वैचारिक सत्र में शिशु विकास मंदिर समिति (झारखंड), धुर्वा, रांची के मंत्री अखिलेश्वर नाथ मिश्र ने “पाँच प्रण” विषय पर गहन व सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने स्व विकास, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्यों पर विस्तार से चर्चा की। श्री मिश्र ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में परम पूज्य डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी द्वारा की गई थी और अब यह संगठन अपने 100 वर्षों की ओर अग्रसर है। इसके पश्चात “अन्नमय कोष का विकास” विषय पर चर्चा सत्र आयोजित हुआ, जिसमें सभी आचार्यों ने संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व पर अपने विचार रखे।

सत्र के प्रवक्ता ने विषय को विस्तार से समझाया और इसे व्यावहारिक संदर्भों से जोड़ते हुए शिक्षकों को उपयोगी दिशा प्रदान की। अंतिम सत्र में शारीरिक गतिविधियाँ, योग, प्राणायाम और आसान का अभ्यास कराया गया, जिससे सभी प्रतिभागियों को मानसिक व शारीरिक ऊर्जा की अनुभूति हुई। इस अवसर पर समिति के अखिलेश्वर नाथ मिश्र, सदस्यगण नर्मदेश्वर मिश्र, लाल अशोक नाथ शाहदेव, विनोद कुमार सिंह, प्राचार्य ललन कुमार, उपप्राचार्य मीना कुमारी सहित सभी आचार्यगण एवं दीदीजी की गरिमामयी उपस्थिति रही।



