Barkatha : प्रखंड के ग्राम तरबेचवा में दो पक्षों के बीच हुई झड़प में निर्दोष लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने को लेकर पीड़ित ने अधिकारियों को पत्र लिखा है. इस बाबत जयहिंद सेना सामाजिक संस्था के जिला अध्यक्ष ग्राम झुरझुरी निवासी अरुण कुमार मेहता पिता स्व रामकृष्ण मेहता ने एक पत्र राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली समेत झारखण्ड व केंद्र के दर्जनों वरीय अधिकारियों को भेजा है. जिसमें बताया है कि पिछले 13 अप्रैल 2025 के दिन ग्राम तरबेचवा में दो पक्षों के बीच हुई झड़प में मुझे और मेरे गाड़ी के चालक मो सत्तार अंसारी पिता सोबराती मियां को पुलिस ने नामजद आरोपी बना दिया है. बताया कि घटना के दिन हम अपनी मारुति गाड़ी की हजारीबाग में सर्विसिंग करवा रहे थे. मेरे साथ मेरे चालक सत्तार अंसारी भी साथ में थे.
Also Read : राँची में ब्राउन शुगर गिरोह का भंडाफोड़: 4.5 लाख नकद और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद
उन्होंने बताया कि मेरा इलाज रिम्स रांची से चल रहा है. जिसकी जांच मुझे सप्ताह में कराना पड़ता है. घटना वाला दिन भी मैंने अपनी जांच हजारीबाग पैथोलॉजी में कराया था. घटना में हम-दोनों को बरकट्ठा पुलिस के द्वारा नामजद आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया. अधिकारियों को लिखे पत्र में बताया है कि हम दोनों निर्दोष है और जान बूझकर नाम दे दिया गया. जिसका कारण उन्होंने बताया कि हमारी सामाजिक संस्था ने प्रखंड क्षेत्र में किए जा रहे गैरकानूनी कार्यों को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत किया था. जानकारी हो कि 13 अप्रैल को तरबेचवा गांव में दो पक्षों के बीच हुई झड़प में पुलिस ने दोनों पक्षों से 42 नामजद समेत चार सौ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है. इस संबंध में पुलिस निरीक्षक इमदाद अंसारी से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया की जो सच है वह सच ही रहेगा। दोषी व्यक्ति हमेशा अपने को निर्दोष ही बताता है।



