Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मामला अब राजभवन तक जा पहुंचा है। बुधवार को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल संतोष गंगवार से मिले और उन्होंने परीक्षा में हुई धांधली के सबूत सौंपे।
श्री महतो ने राज्यपाल को बताया कि जेपीएससी द्वारा जारी किए गए परिणाम में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ की आशंका जताई और आरक्षण नीति के उल्लंघन का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार, आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 का उल्लंघन किया है, जो सामाजिक न्याय और समान अवसर की बात करता है।
इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि जेपीएससी ने विज्ञापन में उल्लेखित नियमों और परीक्षा प्रक्रिया की निर्धारित नियमावली का पालन नहीं किया है। श्री महतो ने मांग की कि परीक्षा के सभी कोटिवार प्राप्तांक के साथ कट-ऑफ मार्क्स सार्वजनिक किए जाएं, और परीक्षार्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिकाएं और मार्कशीट्स प्रदान की जाएं ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आ सके।
राज्यपाल संतोष गंगवार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वे इस मामले में झारखंड लोक सेवा आयोग से जवाब तलब करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि अनियमितता पाई जाती है, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में आशीष कुमार, योगेश चंद्र भारती, अमित कुमार, बिरसा उरांव और तीर्थ कुमार जैसे युवा छात्र नेता शामिल थे। सभी ने एक स्वर में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की, ताकि योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिल सके।
जेपीएससी विवाद का यह मामला राज्य की प्रशासनिक निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है, जिससे सैकड़ों छात्रों में आक्रोश व्याप्त है।



