Ranchi : झारखंड के चिकित्सा जगत के लिए यह सप्ताह एक बेहद दुखद समाचार लेकर आया। रांची की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शोभा चक्रवर्ती का 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं और अस्पताल में उनका इलाज जारी था। उनके निधन से न केवल चिकित्सा समुदाय, बल्कि हजारों मरीज और उनके परिजन भी शोक में डूब गए हैं।
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सेवा को जीवन का संकल्प बनाया
डॉ. चक्रवर्ती ने अपने जीवन के छह दशकों से अधिक समय महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को समर्पित कर दिए। वे सिर्फ एक डॉक्टर नहीं थीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान थीं, जिनसे मिलने भर से मरीजों को विश्वास और अपनापन महसूस होता था। रांची में उनकी पहचान एक ऐसी डॉक्टर के रूप में थी, जिनपर आंख मूंदकर भरोसा किया जा सकता था।
मरीजों से मिलने का था जुनून
करीब सात वर्ष पहले उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उनका इलाज रांची के मेडिका अस्पताल में चला। स्वस्थ होने के बाद भी उन्होंने अपनी सेवा नहीं रोकी और फिर से मरीजों के बीच लौट आईं। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “मरीजों से मिलना मुझे बेहद प्रिय था, उनके बिना मेरा मन नहीं लगता था।” यह भावना उनके पेशे के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भी पहुंचे थे अस्पताल
उनकी बिगड़ती तबीयत की खबर मिलने पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भी अस्पताल पहुंचे थे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। यह उनकी सामाजिक और चिकित्सा क्षेत्र में प्रतिष्ठा को दर्शाता है।
अभूतपूर्व योगदान, अपूरणीय क्षति
डॉ. शोभा चक्रवर्ती की मृत्यु को चिकित्सा जगत की अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके स्नेह, सेवा, और निष्ठा की मिसाल आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। वे न केवल एक डॉक्टर थीं, बल्कि सेवा की एक चलती-फिरती मिसाल थीं।



