Ranchi : झारखंड की वीर भूमि से एक बार फिर जनआंदोलन की आवाज़ उठी है। जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी एवं झारखंड प्रदेश मुखिया संघ के अध्यक्ष सोमा उराँव ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि रांची के बहुप्रतीक्षित रातू रोड फ्लाईओवर का नामकरण महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद वीर बुधु भगत के नाम पर किया जाए।
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यह फ्लाईओवर 19 जून 2025 को केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा लोकार्पित किया जाना है। श्री उराँव ने इसे एक ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि यदि इस फ्लाईओवर को वीर बुधु भगत के नाम पर समर्पित किया जाए, तो यह झारखंड के गौरवशाली इतिहास को यथोचित सम्मान देगा।
कौन थे वीर बुधु भगत?
शहीद बुधु भगत कोल विद्रोह (1831-32) के प्रमुख योद्धा थे, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध गोरिल्ला युद्ध नीति अपनाकर संघर्ष किया।
- जन्म: 17 फरवरी 1792, शीलागाई गांव, चान्हो प्रखंड, रांची
- हथियार: ढाई मन वजनी तलवार
- शहादत: 13 फरवरी 1832, जब उन्हें छलपूर्वक घेरा गया, तो उन्होंने आत्मबलिदान स्वरूप स्वयं अपना सिर तलवार से अलग कर दिया।
आज भी उनका बलिदान स्थल शीलागाई गांव श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है, जहां जनजातीय समाज उन्हें देवता के रूप में पूजता है।
स्वाभिमान की प्रतीक कथा
सोमा उराँव ने कहा कि “बुधु भगत कोई साधारण नाम नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, आज़ादी के संघर्ष और आत्मगौरव का प्रतीक हैं। उनका नाम यदि इस फ्लाईओवर पर अंकित होता है, तो यह आने वाली पीढ़ियों को गर्व व प्रेरणा देगा।”
अंतिम अपील
जनजातीय समाज की ओर से सरकार से अपील की गई है कि रातू रोड फ्लाईओवर को “शहीद वीर बुधु भगत फ्लाईओवर” का नाम दिया जाए। इससे न केवल झारखंड के वीर सपूत को सम्मान मिलेगा, बल्कि आदिवासी संस्कृति और बलिदान को राष्ट्रीय मंच पर पहचान भी।

