Bihar : बिहार के पूर्णिया जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। टेटगामा पंचायत के वार्ड संख्या-10 में अंधविश्वास के चलते एक ही परिवार के पांच लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह दिल दहला देने वाली वारदात रविवार रात करीब 10 बजे घटी, जब गांव के करीब 50 लोग एक परिवार के घर में घुस आए और डायन का आरोप लगाते हुए बांस और डंडों से हमला कर दिया।
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मृतकों में बाबूलाल उरांव की पत्नी सीता देवी, बेटा, बहू और दो अन्य सदस्य शामिल हैं। पीड़ित परिवार का बेटा सोनू किसी तरह जान बचाकर भागा और उसने पुलिस को इस जघन्य अपराध की जानकारी दी। सोनू के अनुसार, उसके सामने ही भीड़ ने पूरे परिवार को पीट-पीटकर मार डाला।
घटना की सूचना मिलते ही पूर्णिया की पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत घटनास्थल पर पहुंचीं। उनके साथ कई वरीय अधिकारी और भारी पुलिस बल भी गांव में तैनात किया गया है। एसपी ने खुद मामले की निगरानी संभालते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने अब तक चार शव बरामद कर लिए हैं, जबकि एक की तलाश जारी है। मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। ग्रामीणों की बड़ी संख्या में गांव से फरार होने की सूचना है, जिससे जांच में कुछ दिक्कतें आ रही हैं।
स्थानीय थानाध्यक्ष उत्तम कुमार ने कहा कि यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय घटना है। अंधविश्वास के नाम पर हुई इस क्रूरता ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है।
इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि 21वीं सदी में भी समाज में अंधविश्वास किस हद तक फैला हुआ है। सरकार और प्रशासन के साथ-साथ समाज को भी ऐसे अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाने की जरूरत है।



