सरस्वती विद्या मंदिर, धुर्वा में सीबीएसई द्वारा क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित

Ranchi : सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, रांची में शनिवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण “नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क – फाउंडेशनल स्टेज” विषय पर आधारित था, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को नवीनतम शैक्षणिक अवधारणाओं

सरस्वती विद्या मंदिर, धुर्वा में सीबीएसई द्वारा क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित
Advertisement

Ranchi : सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, रांची में शनिवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण “नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क – फाउंडेशनल स्टेज” विषय पर आधारित था, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को नवीनतम शैक्षणिक अवधारणाओं से परिचित कराना और उन्हें शिक्षण कार्य में और अधिक दक्ष बनाना था।

सरस्वती विद्या मंदिर, धुर्वा में सीबीएसई द्वारा क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित
सरस्वती विद्या मंदिर, धुर्वा में सीबीएसई द्वारा क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित

स्टार इंटरनेशनल स्कूल में फ्रेंडशिप डे और ग्रीन डे का संयुक्त आयोजन

इस कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए लगभग 60 प्रतिभागी शिक्षकों ने भाग लिया। यह सभी शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रारंभिक शिक्षा स्तर पर फाउंडेशनल स्टेज को बेहतर ढंग से समझने और अपनाने हेतु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

सरस्वती विद्या मंदिर, धुर्वा में सीबीएसई द्वारा क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित
सरस्वती विद्या मंदिर, धुर्वा में सीबीएसई द्वारा क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित

प्रशिक्षण की मुख्य रिसोर्स पर्सन थीं सुश्री प्रेमलता कुमारी, प्राचार्य, कैंब्रियन पब्लिक स्कूल, कांके रोड, रांची, और श्रीमती नूतन पाठक, टीजीटी, सुरेन्द्रनाथ सेंटेनरी पब्लिक स्कूल, रांची। दोनों प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को नई शिक्षा नीति, फाउंडेशनल स्टेज की संरचना, शिक्षण विधियों, और विद्यार्थियों के समग्र विकास में शिक्षक की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को एक नई दृष्टि देते हैं, जिससे वे बच्चों की मानसिक, बौद्धिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि शिक्षक नई शैक्षणिक बदलावों को अपनाने के लिए तत्पर हैं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *