Bhubaneswar : कांग्रेस पार्टी ने ओडिशा के पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई उस पत्र के बाद हुई, जिसमें मुकीम ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र पर सवाल उठाते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा को सक्रिय नेतृत्व सौंपने की मांग की थी।
मुकीम ने राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कहा था कि कांग्रेस इस समय गंभीर संकट से गुजर रही है और पार्टी को मजबूत करने के लिए युवा, ऊर्जावान और जमीनी स्तर से जुड़ा नेतृत्व जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि मल्लिकार्जुन खरगे सलाहकार की भूमिका में रहें और प्रियंका गांधी को केंद्रीय नेतृत्व सौंपा जाए।
कांग्रेस की ओडिशा प्रदेश इकाई द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय नेतृत्व ने मुकीम के निष्कासन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक रूप से नेतृत्व पर सवाल उठाना और अनुशासनहीन बयान देना संगठनात्मक मूल्यों के खिलाफ है।
मुकीम ने अपने पत्र में दावा किया था कि पार्टी नेतृत्व और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच दूरी बढ़ रही है। उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया, मिलिंद देवड़ा और हिमंत बिस्वा सरमा जैसे नेताओं के पार्टी छोड़ने का उदाहरण देते हुए संगठनात्मक उपेक्षा की बात कही थी।
उन्होंने यह भी कहा कि हालिया चुनावों में कांग्रेस की हार केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि संगठनात्मक और भावनात्मक अलगाव का संकेत है। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर नेतृत्व परिवर्तन और आंतरिक लोकतंत्र को लेकर नई बहस छेड़ दी है।


