New Delhi : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में चार बड़े नमो भारत आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर तैयार किए जा रहे हैं। इनसे दिल्ली, गुरुग्राम, पानीपत, करनाल, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ सीधे जुड़ेंगे। इसके अलावा कई कस्बों और दर्जनों गांवों को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से समय-ऊर्जा की बचत होगी और आसपास के इलाकों में रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल विकास को रफ्तार मिलेगी।
🚄 दिल्ली–मेरठ कॉरिडोर: एक घंटे से कम में सफर
नरेंद्र मोदी सराय काले खां (दिल्ली) से मोदीपुरम (मेरठ) तक नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करने जा रहे हैं।
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लंबाई: 82 किमी
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रफ्तार: 160 किमी/घंटा
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सफर का समय: एक घंटे से कम
इस कॉरिडोर का 55 किमी हिस्सा पहले से चालू है, शेष उद्घाटन के बाद शुरू होगा। सराय काले खां, मोदीपुरम, शताब्दीनगर और बेगमपुल जैसे स्टेशन आने वाले समय में नए रिहायशी-कमर्शियल हब बनेंगे।
🚆 गुरुग्राम–ग्रेटर नोएडा: दिल्ली जाम से राहत
यह कॉरिडोर दिल्ली को बायपास करेगा, जिससे गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा जाने वालों को राजधानी के जाम से छुटकारा मिलेगा।
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लंबाई: ~60–61 किमी
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अधिकतम रफ्तार: 180 किमी/घंटा
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ऑपरेशनल स्पीड: 100–120 किमी/घंटा
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समय: गुरुग्राम–नोएडा ~38 मिनट, गुरुग्राम–फरीदाबाद ~22 मिनट
मई 2025 में इन-प्रिंसिपल अप्रूवल और दिसंबर 2025 में डीपीआर फाइनल। रूट आईएफएफको चौक (गुरुग्राम) से नोएडा सेक्टर 142–168 होते हुए सूरजपुर (ग्रेटर नोएडा) तक जाएगा। 6–8 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
🌱 प्रदूषण घटाने वाले कॉरिडोर
दिल्ली–पानीपत–करनाल और दिल्ली–बावल कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली की सड़कों से करीब 2 लाख वाहन कम होने की संभावना है, जिससे जाम और प्रदूषण दोनों घटेंगे।
✈️ गाजियाबाद–जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर: गेम-चेंजर
सिद्धार्थ विहार (गाजियाबाद) से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक प्रस्तावित यह कॉरिडोर बेहद अहम होगा।
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कुल लंबाई: 72.44 किमी
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स्टेशन: 22 (11 रैपिड रेल + 11 मेट्रो)
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अंडरग्राउंड: एयरपोर्ट परिसर में 1.1 किमी
इसमें फिल्म सिटी से एयरपोर्ट तक 14.2 किमी एलआरटी भी शामिल है। सूरजपुर बड़ा जंक्शन बनेगा, जहां से गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के प्रस्तावित कॉरिडोर जुड़ेंगे। इससे यात्री आईजीआई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
🔮 नया एनसीआर
नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर से एनसीआर की कनेक्टिविटी क्रांतिकारी रूप से बेहतर होगी—तेज यात्रा, कम प्रदूषण और उभरते रियल-एस्टेट व बिज़नेस हब्स के साथ एनसीआर का नक्शा बदलने वाला है।

