Ranchi : झारखंड के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की लगातार अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने राज्यभर में 9547 डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी किया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह नोटिस उन डॉक्टरों और कर्मियों को भेजा गया है जो नियमित रूप से अस्पताल की ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हो रहे थे। यह कार्रवाई बायोमेट्रिक उपस्थिति रिकॉर्ड के आधार पर की गई है।
आंकड़ों के अनुसार, नोटिस पाने वालों में 4468 डॉक्टर और मेडिकल कर्मी ऐसे हैं, जिनकी जनवरी महीने में एक भी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं हुई।
इसके अलावा 579 कर्मियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से भी कम पाई गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से स्पष्टीकरण लिया जाए।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जनवरी महीने में केवल 24 प्रतिशत डॉक्टर और 31 प्रतिशत मेडिकल कर्मी ऐसे थे, जिनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत या उससे अधिक रही।
इतनी बड़ी संख्या में अनुपस्थिति से सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अपर सचिव ने सिविल सर्जनों से यह भी पूछा है कि इतने बड़े स्तर पर अनुपस्थिति के बावजूद अब तक संबंधित डॉक्टरों और कर्मियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। साथ ही सभी जिलों को मामले में जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए हैं।
