- बुंडू अनुमंडलीय अस्पताल में लैब टेक्नीशियन पर गाली-गलौज, लापरवाही और मरीज प्रताड़ना का आरोप
- 11 वर्षीय बच्चे की जांच रिपोर्ट तीन दिन बाद भी नहीं मिली, पीड़ित पिता ने की विभागीय व कानूनी कार्रवाई की मांग
मुकेश रंजन
Ranchi : बुंडू अनुमंडलीय अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में पदस्थापित लैब टेक्नीशियन पर कार्य में लापरवाही, मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार तथा शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले को लेकर पीड़ित पिता ने अस्पताल प्रबंधन से न्याय की गुहार लगाई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बुंडू बस स्टैंड के पीछे स्थित ताऊ बिचका टोली निवासी बरुण कुमार महतो ने अस्पताल के उपाधीक्षक को लिखित आवेदन सौंपकर लैब टेक्नीशियन देवानंद राम के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके 11 वर्षीय पुत्र नयन कुमार की बलगम जांच हेतु चिकित्सक द्वारा 29 मई 2026 को जांच लिखी गई थी, जिसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए सैंपल जमा कर दिया गया था।

पीड़ित का आरोप है कि तीन दिन बीत जाने के बावजूद 1 जून तक जांच रिपोर्ट तैयार नहीं की गई। जब वे अपने बीमार पुत्र के साथ रिपोर्ट लेने लैब पहुंचे तो रिपोर्ट देने के बजाय लैब टेक्नीशियन ने कथित रूप से अपना आपा खो दिया और उनके साथ सरेआम गाली-गलौज शुरू कर दी।
“रिपोर्ट मांगने पर किया अपमानित”
बरुण कुमार महतो का कहना है कि उन्हें और उनके पुत्र को न केवल अपमानित किया गया, बल्कि लैब कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया तथा रिपोर्ट देने से भी साफ इंकार कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल में कार्यरत एक लोक सेवक का ऐसा व्यवहार बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
बच्चे के स्वास्थ्य पर संकट का आरोप
पीड़ित पिता ने कहा कि उनके पुत्र की बीमारी की गंभीर स्थिति को देखते हुए समय पर जांच रिपोर्ट मिलना आवश्यक था। रिपोर्ट नहीं मिलने से उपचार प्रभावित हो रहा है और बच्चे के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने इसे मरीजों के अधिकारों का हनन तथा लोक सेवक द्वारा कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही बताया है।
BNS की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग:
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की प्रासंगिक धाराओं का उल्लेख करते हुए आरोपी कर्मी के खिलाफ विभागीय जांच, अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं कानूनी कार्यवाही की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि उनके पुत्र की जांच रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
प्रशासन से न्याय की गुहार:
मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है। पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रबंधन एवं प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज और उसके परिजन को इस प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब देखना यह होगा कि अस्पताल प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।



