Ranchi : झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत करने और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पुलिस विभाग में ‘ऑपरेशन क्लीन’ की शुरुआत की गई है। इसके तहत गंभीर आरोपों, विभागीय जांच और विवादों में घिरे थाना प्रभारियों व पुलिस अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है। ऐसे अधिकारियों को आने वाले दिनों में फील्ड पोस्टिंग से हटाया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, इस अभियान की निगरानी सीधे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) स्तर से की जा रही है। राज्य के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी से उन अधिकारियों की गोपनीय रिपोर्ट मांगी गई है, जिनके खिलाफ शिकायतें लंबित हैं या जिनका सेवा रिकॉर्ड सवालों के घेरे में रहा है। मुख्यालय स्तर पर इन रिपोर्टों की समीक्षा की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार और गृह विभाग के साथ हाल में हुई बैठकों के बाद पुलिस मुख्यालय ने इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है। इसका उद्देश्य थानों में बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करना और विवादित अधिकारियों को फील्ड से हटाकर गैर-संवेदनशील पदों या पुलिस लाइन में पदस्थापित करना है।
मुख्यालय सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों की तीन स्तरों पर स्क्रीनिंग की जा रही है। विशेष रूप से इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर रैंक के उन अधिकारियों पर नजर रखी जा रही है, जिनके खिलाफ अदालतों में मामले लंबित हैं, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच चल रही है या विभागीय कार्रवाई जारी है। जिन थाना प्रभारियों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं, उनके रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस मुख्यालय की इस पहल को राज्य में पुलिसिंग की साख मजबूत करने और आम लोगों का भरोसा बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विभाग की कोशिश है कि थानों की जिम्मेदारी साफ-सुथरी छवि, सक्रिय और अनुभवी अधिकारियों को सौंपी जाए, ताकि कानून-व्यवस्था और अधिक बेहतर हो सके।



