Ranchi : रांची सदर अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और बाल-अनुकूल चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की ‘मुस्कान’ (MusQan) पहल के तहत अस्पताल को नेशनल क्वालिटी सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया है। इसके साथ ही रांची सदर अस्पताल झारखंड का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है जिसे यह प्रतिष्ठित प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
अस्पताल प्रशासन द्वारा बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रक्रिया में सदर अस्पताल ने 96.61 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। यह मूल्यांकन 29 एवं 30 अप्रैल 2026 को नेशनल असेसर टीम द्वारा किया गया था। मूल्यांकन के दौरान अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों के अनुभव और विभिन्न गुणवत्ता मानकों की विस्तृत समीक्षा की गई।
अस्पताल के विभिन्न विभागों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) को 98 प्रतिशत, पीडियाट्रिक वार्ड को 97.96 प्रतिशत तथा पीडियाट्रिक ओपीडी को 93.84 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। इन परिणामों ने अस्पताल की बाल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित किया है।
मूल्यांकन के दौरान सेवा प्रावधान, मरीजों एवं उनके परिजनों की संतुष्टि, संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था, क्लिनिकल प्रोटोकॉल के अनुपालन तथा बच्चों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण जैसे महत्वपूर्ण मानकों का आकलन किया गया। अस्पताल ने सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए निर्धारित गुणवत्ता स्तर को सफलतापूर्वक प्राप्त किया।
अस्पताल प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मियों तथा प्रशासनिक टीम के सामूहिक प्रयासों को दिया है। अधिकारियों ने कहा कि यह प्रमाणन केवल रांची सदर अस्पताल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गौरव का विषय है।
अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि इस उपलब्धि से राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों को भी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रेरणा मिलेगी। साथ ही भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
गौरतलब है कि ‘मुस्कान’ (MusQan) केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में बच्चों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस कार्यक्रम के तहत अस्पतालों में बाल-अनुकूल वातावरण, गुणवत्तापूर्ण उपचार व्यवस्था तथा मरीज-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा दिया जाता है।



