New Delhi : मई में हुई नीट परीक्षा के दौरान पेपर लीक के आरोपों से घिरी National Testing Agency और केंद्र सरकार इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। 21 जून 2026 को होने वाली NEET री-एग्जाम के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, परीक्षा से पांच दिन पहले ही सीलबंद प्रश्नपत्रों को देश के विभिन्न राज्यों की राजधानियों और रणनीतिक केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वायुसेना के जिम्मे प्रश्नपत्रों का परिवहन
इस बार पहली बार प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए Indian Air Force की सेवाएं ली गई हैं।
वायुसेना के Boeing C-17 Globemaster III और Mil Mi-17 हेलीकॉप्टरों के जरिए प्रश्नपत्रों को सीधे देश के 18 प्रमुख रणनीतिक केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रिंटिंग प्रेस से लेकर परीक्षा केंद्रों तक के बीच आने वाले सभी अतिरिक्त संपर्क बिंदुओं और संभावित जोखिमों को समाप्त करना है।
कड़ी “चेन ऑफ कस्टडी” व्यवस्था
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए एक सख्त “चेन ऑफ कस्टडी” लागू की गई है। प्रिंटिंग प्रेस से निकलने के बाद केवल अधिकृत अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को ही इन तक पहुंच की अनुमति होगी।
इस प्रक्रिया से प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
CRPF और CISF की निगरानी
विमानों के राज्य की राजधानी या एयरबेस पर पहुंचने के बाद प्रश्नपत्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी Central Reserve Police Force और Central Industrial Security Force के जवानों को सौंपी गई है।
प्रश्नपत्रों को सामान्य सरकारी कार्यालयों में रखने के बजाय अत्याधुनिक स्ट्रॉन्ग रूम और उच्च सुरक्षा वाली तिजोरियों में रखा जा रहा है, जहां 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है।
परीक्षा दिवस पर भी रहेगा कड़ा पहरा
सुरक्षा व्यवस्था केवल प्रश्नपत्रों के परिवहन और भंडारण तक सीमित नहीं रहेगी। 21 जून को परीक्षा के दिन भी देशभर के परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, परीक्षा केंद्रों, परिवहन हब और स्टोरेज यूनिट्स पर लगभग 5 लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
AI आधारित निगरानी प्रणाली
इस बार निगरानी के लिए अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
देशभर के परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए 1 लाख से अधिक CCTV कैमरों को रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इन कैमरों में AI आधारित फेशियल रिकग्निशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान की जा सके।
पेपर लीक की आशंकाओं पर लगाम लगाने की तैयारी
सरकार और NTA का मानना है कि वायुसेना, अर्धसैनिक बलों, AI निगरानी और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के जरिए इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
इन कड़े इंतजामों का मुख्य उद्देश्य परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना और किसी भी प्रकार के पेपर लीक या अनियमितता की संभावना को समाप्त करना है।


