गुरुग्राम: डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं और आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए नगर निगम गुरुग्राम ने पालतू कुत्तों को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब शहर में बिना रजिस्ट्रेशन पालतू कुत्ता रखना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने तत्काल प्रभाव से पालतू कुत्तों के अनिवार्य पंजीकरण और नियंत्रण संबंधी आदेश जारी किए हैं।
पालतू कुत्ते का रजिस्ट्रेशन कराना होगा अनिवार्य
नगर निगम के निर्देशानुसार पालतू कुत्ते के मालिकों को:
- नगर निगम के ऑनलाइन पोर्टल या नागरिक सुविधा केंद्र (CFC) पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
- आवेदन के साथ मालिक का पहचान पत्र, कुत्ते की फोटो और रेबीज टीकाकरण प्रमाणपत्र जमा करना होगा।
- समय-समय पर रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण (रिन्यूअल) भी कराना होगा।
घर से बाहर निकलते ही बदल जाएंगे नियम
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिए नई गाइडलाइन जारी की गई हैं।
- सड़क, पार्क, ग्रीन बेल्ट या बाजार में कुत्ते को खुला छोड़ना प्रतिबंधित होगा।
- घर से बाहर निकलते ही कुत्ते को पट्टे (लीश) से बांधना अनिवार्य होगा।
- सार्वजनिक स्थानों पर कुत्ते के मल-मूत्र की सफाई की जिम्मेदारी पूरी तरह मालिक की होगी।
- रेबीज सहित सभी आवश्यक टीके समय पर लगवाना अनिवार्य होगा।
- यदि कुत्ता किसी व्यक्ति पर हमला करता है, डराता है या नुकसान पहुंचाता है, तो उसकी पूरी कानूनी जिम्मेदारी मालिक की होगी।
खतरनाक नस्लों के लिए और सख्त नियम
भारत सरकार द्वारा चिन्हित आक्रामक नस्लों के लिए नगर निगम ने विशेष नियम लागू किए हैं। इनमें शामिल हैं—
- पिटबुल टेरियर
- रॉटवीलर
- डोगो अर्जेंटीनो
- केन कोर्सो
- अकिता
- मास्टिफ
इन नस्लों के कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर ले जाते समय पट्टा (लीश) लगाने के साथ-साथ मुंह पर मज़ल (सुरक्षा कवर) लगाना भी अनिवार्य होगा।
नगर निगम का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य डॉग बाइट की घटनाओं पर रोक लगाना, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जिम्मेदार पालतू पशु पालन को बढ़ावा देना है।



