Khunti : लोकतंत्र में आमतौर पर लोग अपनी समस्याएं जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाते हैं, लेकिन खूंटी जिले के बिचना-बांधटोली के ग्रामीणों ने अपनी जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग के लिए अनोखा तरीका अपनाया। वर्षों तक मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने सड़क पर ही पूजा-अर्चना कर भगवान से सड़क बनवाने की प्रार्थना की।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक वर्ष के दौरान उन्होंने कई बार आवेदन दिए, अधिकारियों के चक्कर लगाए और जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई, लेकिन सड़क की हालत लगातार बदतर होती गई। इसके बाद ग्रामसभा ने निर्णय लिया कि जब कहीं सुनवाई नहीं हो रही, तो भगवान की शरण ली जाए।
दरअसल, पेलौल के पास बनई नदी का पुल टूटने के बाद यह सड़क वैकल्पिक मार्ग बन गई। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और जगह-जगह दो से तीन फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं।
बरसात के मौसम में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे सड़क तालाब जैसी दिखाई देने लगती है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है और स्कूली बच्चों, मरीजों तथा राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने श्रमदान कर कई स्थानों पर सड़क की मरम्मत का प्रयास भी किया, लेकिन बारिश में उनकी मेहनत बेकार हो गई और सड़क फिर से खराब हो गई।
यह खूंटी में पहली ऐसी घटना नहीं है। इससे पहले मुरहू प्रखंड के सांडीगांव के ग्रामीण भी सड़क निर्माण की मांग को लेकर पूजा-पाठ कर चुके हैं।
इस पूजा-अर्चना में पंचायत समिति सदस्य रोशन लाल गौंझू, ग्राम प्रधान फागू मुंडा, सचिव प्रसुन्न कुमार मांझी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।


