कटिहार। कृषि विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा को लेकर मंगलवार को जिला कृषि कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। पूर्णिया प्रमंडल के संयुक्त निदेशक (कृषि) मनोज कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में उर्वरकों की कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाने, किसानों के पंजीकरण में तेजी लाने और सभी योजनाओं को तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सभी थोक एवं खुदरा उर्वरक दुकानों की नियमित जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रतिदिन कम-से-कम 10 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर ऑनलाइन रिपोर्ट अपलोड करें। साथ ही स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, मूल्य सूची और पीओएस मशीन की नियमित जांच भी सुनिश्चित की जाए। उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
संयुक्त निदेशक ने बिहार कृषि ऐप के माध्यम से किसानों का पंजीकरण अभियान तेज करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक पंचायत में 1,000 किसानों का पंजीकरण हर हाल में पूरा किया जाए। इसके अलावा खरीफ फसल आच्छादन के सत्यापित आंकड़ों को प्रतिदिन ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना, धरती बचाओ अभियान, किसान पाठशाला, उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण और उर्वरक नमूना संग्रहण की भी समीक्षा की गई। आत्मा योजना के तहत प्रगतिशील किसानों का चयन कर उन्हें राज्य एवं राज्य के बाहर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल कराने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जा सके।
बैठक के अंत में जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों से कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में जिला एवं अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सहायक एवं उप निदेशक स्तर के अधिकारी सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


