- रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के पास मोबाइल टावर पर चढ़े हीरालाल को करीब 8 घंटे बाद सुरक्षित नीचे उतारा गया। पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
Ranchi : राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक हीरालाल करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद रविवार को सुरक्षित नीचे उतर आया। अधिकारियों, पुलिस और स्थानीय लोगों के लगातार समझाने-बुझाने के बाद वह नीचे आने के लिए तैयार हुआ। नीचे उतरते ही पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने भेज दिया।
टावर से उतरने के बाद हीरालाल अपनी पत्नी और बच्चों से मिलकर भावुक हो गया। उसने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अपने परिवार के लिए नीचे आया है। इस दौरान उसने बच्चों को गोद में उठाया और काफी देर तक भावुक रहा।
हीरालाल ने आरोप लगाया कि वह सरकारी नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं से परेशान है। उसका कहना है कि वह लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है, लेकिन भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों के कारण उसे अब तक सफलता नहीं मिली। इसी वजह से वह मानसिक तनाव में था।
उसने अपने पारिवारिक जीवन को लेकर भी कई बातें कहीं। हीरालाल का आरोप है कि उसकी पत्नी मेडिकल दुकान चलाती है और अक्सर उसे ताना देती थी कि वह एक रुपया भी कमाने की क्षमता नहीं रखता। इसी कारण उसने मुख्यमंत्री से प्रतीकात्मक रूप से एक रुपये की मांग की थी। हालांकि, उसके इन व्यक्तिगत आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
हीरालाल ने यह भी दावा किया कि वह पिछले कई दिनों से जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ जुड़ा हुआ था। उसके अनुसार, आंदोलनकारी छात्रों की मांगों पर सरकार की ओर से ध्यान नहीं दिए जाने से वह आक्रोशित था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हीरालाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उससे घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि उसने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।
गौरतलब है कि जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। इसी बीच शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे हीरालाल धरनास्थल के पास स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया था, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और लगातार समझाइश के बाद करीब आठ घंटे में उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।



