- राजगीर की हरी-भरी पहाड़ियां, गर्म जलस्रोत, घोड़ा कटोरा, रोपवे और नेचर सफारी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। वर्ष 2025 में जनवरी से नवंबर तक 24 लाख से अधिक पर्यटक यहां पहुंचे।
Patna : बिहार का प्रमुख पर्यटन स्थल राजगीर अब प्राकृतिक सौंदर्य, इको टूरिज्म और रोमांचक गतिविधियों के कारण पर्यटकों के बीच खास पहचान बना रहा है। हरी-भरी पहाड़ियां, घने वन क्षेत्र, गर्म जलस्रोत, घोड़ा कटोरा, रोपवे और नेचर सफारी लगातार पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की पहल से राजगीर को इको टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद तेज है। पर्यटन के विस्तार के साथ इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार से भी जोड़ा जा रहा है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जनवरी से नवंबर के बीच 24 लाख 55 हजार 255 पर्यटक राजगीर पहुंचे। इनमें 23 लाख 37 हजार 383 घरेलू और एक लाख 17 हजार 872 विदेशी पर्यटक शामिल थे।
वहीं, इस वर्ष जनवरी से मार्च के बीच भी एक लाख 37 हजार 855 पर्यटकों ने राजगीर का भ्रमण किया।
पांच पहाड़ियों के बीच बसा राजगीर
राजगीर प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन का अनोखा संगम है। यह पांच प्रमुख पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जिनमें वैभवगिरि, विपुलाचल, रत्नागिरि, उदयगिरि और स्वर्णगिरि शामिल हैं।
पहाड़ियों और हरियाली से घिरे इस क्षेत्र में प्रकृति के करीब समय बिताने का अनुभव पर्यटकों को खूब पसंद आ रहा है।
गर्म जलस्रोत और घोड़ा कटोरा बने आकर्षण
राजगीर के गर्म जलस्रोत धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटकों के आकर्षण का भी प्रमुख केंद्र हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग प्राकृतिक और धार्मिक महत्व के कारण पहुंचते हैं।
वहीं, घोड़ा कटोरा अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, हरियाली और शांत वातावरण के कारण प्रकृति प्रेमियों को खास तौर पर आकर्षित करता है।
रोपवे और नेचर सफारी का बढ़ा आकर्षण
राजगीर का रोपवे भी पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बन चुका है। पहाड़ियों के बीच रोपवे की सवारी पर्यटकों को प्राकृतिक दृश्यों का अलग अनुभव देती है।
इसके साथ ही नेचर सफारी ने राजगीर को एडवेंचर और इको टूरिज्म के नक्शे पर नई पहचान दी है। यहां प्रकृति और रोमांच का अनुभव करने के लिए पर्यटक लगातार पहुंच रहे हैं।
स्थानीय लोगों को मिल रहा पर्यटन का लाभ
वन एवं पर्यावरण विभाग का जोर केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर नहीं है। विभाग प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों को भी पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर काम कर रहा है।
राजगीर में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार का सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा है। स्थानीय गाइड, वाहन संचालक, होटल-रेस्तरां, खान-पान, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों से जुड़े लोगों के लिए रोजगार और आय के अवसर बढ़े हैं।
विभाग का प्रयास है कि इको टूरिज्म के विकास के साथ स्थानीय समुदाय को भी इसका लाभ मिले। साथ ही प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करते हुए पर्यटन को टिकाऊ बनाया जा सके।
राजगीर की पहचान अब केवल धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि प्रकृति, रोमांच और स्थानीय संस्कृति के संगम वाले प्रमुख इको टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में भी मजबूत हो रही है।



