- वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए फर्जी आवासीय प्रमाणपत्र इस्तेमाल करने का आरोप, चार लोगों पर FIR
झारखंड: साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड से वोटर लिस्ट को लेकर एक मामला सामने आया है। यहां मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए कथित तौर पर फर्जी आवासीय प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगा है। मामले की शिकायत सामने आने के बाद चुनाव अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान कुछ कागजात को लेकर सवाल उठे। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की गई। जांच के बाद चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।
जांच में दस्तावेजों को लेकर हुआ शक
बताया जा रहा है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया के दौरान जमा किए गए आवासीय प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान कुछ प्रमाणपत्रों को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ।
अधिकारियों की ओर से दस्तावेजों की जानकारी जुटाई गई और मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंचाई गई। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
CSC संचालक भी जांच के घेरे में
इस मामले में एक कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC संचालक पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में उसकी भूमिका हो सकती है। अब पुलिस CSC संचालक से जुड़े दस्तावेजों और पूरे मामले में उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
आखिर कैसे तैयार हुए फर्जी कागजात?
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि कथित तौर पर फर्जी आवासीय प्रमाणपत्र आखिर तैयार कैसे हुए। इन दस्तावेजों को किस आधार पर बनाया गया और इन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए किस तरह इस्तेमाल किया गया, पुलिस इन सभी बिंदुओं को खंगाल रही है।
पुलिस ने शुरू की छानबीन
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस अब मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस तरह के और दस्तावेजों का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।
फिलहाल इस मामले में चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
अब देखना होगा कि जांच में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसका इस्तेमाल करने वालों की भूमिका कितनी सामने आती है और पुलिस की कार्रवाई आगे किस दिशा में बढ़ती है।

