- जमशेदपुर एफसी की प्रथम टीम का परिचालन बंद होने के बाद अपने भविष्य को लेकर परेशान चल रहे खिलाड़ियों और कोचों के लिए राहत की खबर है।
जमशेदपुर: जमशेदपुर एफसी की प्रथम टीम का परिचालन बंद होने के बाद अपने भविष्य को लेकर परेशान चल रहे खिलाड़ियों और कोचों के लिए राहत की खबर है। क्लब प्रबंधन ने टीम से जुड़े 12 अनुबंधित खिलाड़ियों और दो कोचों का पूरा बकाया भुगतान कर दिया है। इसके साथ ही सभी को उनके अनुबंध से मुक्त कर दिया गया है।
इस फैसले के बाद खिलाड़ियों के सामने आर्थिक नुकसान का डर काफी हद तक खत्म हो गया है। अब वे अपनी पसंद के दूसरे क्लब से जुड़ सकते हैं और अपने फुटबॉल करियर को आगे बढ़ा सकते हैं।
खिलाड़ियों के सामने बना था असमंजस
जमशेदपुर एफसी की प्रथम टीम का संचालन बंद होने के बाद खिलाड़ियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके आगे के करियर को लेकर था। उन्हें यह चिंता थी कि अगर क्लब का संचालन नहीं होगा तो उनके मौजूदा अनुबंध और बकाया राशि का क्या होगा।
इसी बीच क्लब के CEO मुकुल चौधरी की ओर से खिलाड़ियों को एक विकल्प दिया गया था। खिलाड़ियों से कहा गया था कि वे चाहें तो चर्चिल ब्रदर्स के साथ जुड़ सकते हैं या फिर अपना पूरा बकाया लेकर किसी दूसरे क्लब में जाने का रास्ता चुन सकते हैं।
चर्चिल ब्रदर्स के साथ जाने वाले खिलाड़ियों के आगे का वेतन उस क्लब की ओर से दिए जाने की बात कही गई थी। वहीं, जो खिलाड़ी यह विकल्प नहीं चुनते, उनके मौजूदा और अगले सीजन से जुड़े अनुबंध की पूरी राशि JFSPL की ओर से चुकाने की बात कही गई थी।
किसी खिलाड़ी ने नहीं चुना चर्चिल ब्रदर्स का विकल्प
जानकारी के मुताबिक, किसी भी खिलाड़ी या कोच ने चर्चिल ब्रदर्स के साथ जाने का विकल्प नहीं चुना। इसके बाद जमशेदपुर एफसी ने खिलाड़ियों और कोचों के मौजूदा और अगले सीजन से जुड़े अनुबंध का पूरा बकाया भुगतान कर दिया। बकाया राशि मिलने के बाद खिलाड़ियों के लिए अब दूसरे क्लबों में जाने का रास्ता साफ हो गया है।
कई खिलाड़ियों को मिल चुका है नया क्लब
बकाया भुगतान के बाद जमशेदपुर एफसी के कई खिलाड़ियों ने दूसरे क्लबों का रुख करना शुरू कर दिया है। निखिल बारला नॉर्थईस्ट यूनाइटेड से जुड़ चुके हैं। वहीं लालह्रियातोइया छांगटे चेन्नैयिन एफसी का हिस्सा बने हैं। मोहम्मद सनन केरल ब्लास्टर्स में संभावित बदलाव का इंतजार कर रहे हैं, जबकि प्रणय हलदर के श्रीनिधि डेक्कन से जुड़ने की संभावना जताई जा रही है।
कुछ खिलाड़ी अभी इंटर काशी की स्थिति और नए निवेशकों के आने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं जमशेदपुर एफसी के विजेता कोच ओवेन कोएल ने एक शीर्ष ISL क्लब से मिले प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
टाटा स्टील ने चर्चिल ब्रदर्स को सौंपा था क्लब
बता दें कि जमशेदपुर एफसी साल 2017 से इंडियन सुपर लीग (ISL) में खेल रही थी। अगस्त में टाटा स्टील ने जमशेदपुर एफसी की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी और स्पोर्ट्स लाइसेंस चर्चिल ब्रदर्स को 100 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर हस्तांतरित किया था।
गोवा के चर्चिल ब्रदर्स क्लब के मालिक गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री चर्चिल अलेमाव हैं। इस बदलाव के बाद जमशेदपुर एफसी की प्रथम टीम से जुड़े खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के भविष्य को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो गए थे।
हालांकि, अब बकाया राशि का भुगतान होने के बाद खिलाड़ियों को अपने भविष्य का फैसला खुद लेने की आजादी मिल गई है। वे अपनी पसंद के क्लब से जुड़कर आगे का करियर जारी रख सकते हैं।

