पटना: बिहार में बाढ़ से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। राज्य के कई इलाकों में नदियों के जलस्तर में कमी आने लगी है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा और इंद्रपुरी बराज पर सोन नदी का पानी घट रहा है। वहीं, वीरपुर बराज पर कोसी और बाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है। नदियों के घटते और स्थिर होते जलस्तर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में जल्द राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
हालांकि, बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। कई स्थानों पर प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर
जलस्तर में कुछ जगह कमी आने के बावजूद राज्य के कई प्रमुख नदी घाटों पर स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंडक नदी डुमरिया घाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं बलतारा और कुर्सेला में कोसी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर है। खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधीघाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा का पानी अभी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। इसके अलावा श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती तथा दरौली और सिसवन में घाघरा नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
15 जिलों में 47.92 लाख लोग बाढ़ प्रभावित
आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बिहार के 15 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का असर है। इन इलाकों में करीब 47.92 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों तक भोजन, राहत सामग्री और अन्य जरूरी सुविधाएं पहुंचाने का काम लगातार किया जा रहा है।
1245 कम्युनिटी किचन से मिल रहा भोजन
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्यभर में 1,245 कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से अब तक करीब 73.30 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों के लिए 13 राहत शिविर भी चलाए जा रहे हैं। इन शिविरों में 12,260 लोगों के लिए ठहरने, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
राहत सामग्री का वितरण
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामान भी पहुंचाया जा रहा है। अब तक लगभग:
- 3.50 लाख पॉलीथीन शीट
- 57,100 ड्राई राशन पैकेट
- 1,400 फूड पैकेट
- 11,204 क्विंटल पशुचारा
का वितरण किया जा चुका है।
1840 सरकारी नावें और SDRF-NDRF की टीमें तैनात
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के आवागमन और राहत कार्यों को जारी रखने के लिए राज्यभर में 1,840 सरकारी नावों का संचालन किया जा रहा है। इससे उन क्षेत्रों में भी लोगों तक पहुंचने में मदद मिल रही है, जहां सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। आपात स्थिति में त्वरित बचाव अभियान के लिए SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें अलग-अलग जिलों में तैनात की गई हैं। ये टीमें जरूरत के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य कर रही हैं।
जलस्तर पर लगातार नजर
बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग लगातार नदियों के जलस्तर और प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रहा है। कुछ प्रमुख नदियों का पानी घटने से प्रशासन को राहत जरूर मिली है, लेकिन कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदियों के कारण सतर्कता बरती जा रही है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी हैं। प्रशासन का फोकस बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन, सुरक्षित आवासन, चिकित्सा सुविधा और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने पर है।


