पटना: बिहार के गयाजी में पितरों के मोक्ष की कामना को लेकर लगने वाले पितृपक्ष मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। हर साल इस मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। पिछले चार वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पर्यटकों की संख्या करीब चार गुना बढ़ चुकी है। अब पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि इस वर्ष पितृपक्ष मेले में करीब 50 लाख लोग गयाजी पहुंच सकते हैं। 25 सितंबर से शुरू होने वाले मेले को देखते हुए गयाजी से लेकर पुनपुन तक आवास, परिवहन, पिंडदान, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
चार साल में 9.40 लाख से 34.79 लाख पहुंची संख्या
पितृपक्ष मेले में पर्यटकों की बढ़ती संख्या का अंदाजा पिछले वर्षों के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। वर्ष 2022 में 9.40 लाख पर्यटक गयाजी पहुंचे थे। इनमें 9.38 लाख देशी और 1,518 विदेशी पर्यटक शामिल थे। इसके बाद 2023 में संख्या तेजी से बढ़ी और कुल 29.89 लाख पर्यटक गयाजी पहुंचे। इनमें 29.06 लाख देशी और करीब 82 हजार विदेशी पर्यटक थे। वर्ष 2024 में कुल 30.59 लाख पर्यटक पहुंचे। इनमें 29.04 लाख देशी और 1.55 लाख विदेशी पर्यटक शामिल रहे। वहीं, 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 34.79 लाख हो गया। इनमें 34.77 लाख देशी और 1,807 विदेशी पर्यटक थे।
50 लाख श्रद्धालुओं के हिसाब से बढ़ाई जा रही व्यवस्था
इस बार संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पर्यटन विभाग ने तैयारियों का दायरा बढ़ा दिया है। गयाजी में 2500 बेड की आधुनिक टेंट सिटी तैयार की जा रही है। इसके अलावा 1000 बेड की धर्मशाला की भी व्यवस्था की जाएगी। पुनपुन घाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां करीब 5000 लोगों के बैठने की क्षमता वाला पंडाल बनाया जा रहा है।
आवास और परिवहन पर विशेष फोकस
पितृपक्ष मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए गयाजी पहुंचते हैं। ऐसे में उनके ठहरने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। होटल और धर्मशालाओं में भी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। स्थानीय आवागमन को आसान बनाने के लिए ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को अलग-अलग धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी।
सूचना केंद्र और हेल्पलाइन से मिलेगी जानकारी
मेले में आने वाले लोगों को पिंडदान स्थल, आवास, रास्ते और अन्य जरूरी सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए पर्यटक सूचना केंद्र और विशेष हेल्पलाइन श



