पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को प्रभावित इलाकों का दौरा किया। दोनों नेताओं ने पटना के मनेर और सारण के दिघवारा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद दोनों नेता वैशाली के राघोपुर प्रखंड की तेरसिया पंचायत पहुंचे। यहां उन्होंने तेरसिया और सरायपुर गांव में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित लोगों से उनकी समस्याएं सुनीं।
नाव और ट्रैक्टर से लिया बाढ़ का जायजा
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने पहले नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पानी में डूबे गांवों और खेतों में खराब हुई फसलों को देखा। इसके बाद दोनों नेता ट्रैक्टर से प्रभावित गांवों में पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने सड़क को ऊंचा करने, नई सड़क बनाने और बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग रखी। दोनों नेताओं ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी निर्देश दिए।
केले और मक्के की फसल को नुकसान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस क्षेत्र में इस बार 2016 की तुलना में करीब एक फीट अधिक पानी आया है। बाढ़ के कारण केले और मक्के की फसल को नुकसान हुआ है। कई लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। बाढ़ से फसल, मकान और पशुओं को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने का काम कर रही है। प्रभावित परिवारों को सात हजार रुपये की अंतरिम सहायता दी जा रही है। केंद्र सरकार ने नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम भी बिहार भेजी है।
नुकसान का आकलन कर मिलेगी सहायता
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य की टीमें बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं। खेतों में जाकर फसल नुकसान और गांवों में जाकर अन्य क्षति की जानकारी जुटाई जा रही है। नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद केंद्र सरकार बिहार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। सात हजार रुपये की अंतरिम सहायता देना शुरू कर दिया गया है। नुकसान का विस्तृत आकलन होने के बाद किसानों और अन्य प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ के समय साहस दिखाने वाले बच्चे विशाल कुमार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। बताया गया कि विशाल ने बाढ़ के दौरान अपने गांव के चार लोगों की जान बचाई थी।


