मधुबनी: भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में कथित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई जारी है। हीरा महासेठ उर्फ चाची की गिरफ्तारी के बाद अब नेपाली प्रहरी ने खौना निवासी राजा व्यार को 13 लाख नेपाली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया है। राजा व्यार की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके कारोबार, सीमा पार संपर्कों और कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही हैं। एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि उसके पास इतनी बड़ी मात्रा में नेपाली मुद्रा कहां से आई और इसे कहां ले जाया जाना था।
दवा कारोबार की आड़ में अवैध गतिविधियों का आरोप
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, राजा व्यार दवा कारोबार की आड़ में भारत और नेपाल के बीच कथित अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था। उस पर नशीली दवाओं की बिक्री से जुड़े होने का भी आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां उसके कारोबार और सीमा पार आवाजाही से जुड़े संपर्कों की जांच कर रही हैं।
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नेपाली मुद्रा की अवैध अदला-बदली की भी जांच
बताया जा रहा है कि राजा व्यार लंबे समय से नेपाली मुद्रा की कथित अवैध अदला-बदली के कारोबार में सक्रिय था। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां उसकी आर्थिक गतिविधियों और लेनदेन की जानकारी जुटा रही हैं। जांच का एक अहम बिंदु यह भी है कि 13 लाख नेपाली रुपये उसके पास किस स्रोत से पहुंचे। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस रकम का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
चाची सिंडिकेट से कनेक्शन की पड़ताल
राजा व्यार की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके कथित नेटवर्क को हीरा महासेठ उर्फ चाची से जुड़े मामले से जोड़कर भी जांच कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, राजा व्यार के संबंध चाची के परिवार से जुड़े राजीव महासेठ के कारोबार से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, राजा व्यार और चाची के कथित सिंडिकेट के बीच सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसियां उसके मोबाइल फोन, कारोबार और संपर्कों की जांच कर इस संभावित कड़ी के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
चाची के मोबाइल से मिले थे कई सुराग
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हीरा महासेठ उर्फ चाची की गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल फोन की जांच में कई कारोबारियों और संदिग्ध लोगों के नाम सामने आए थे। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बासोपट्टी बाजार और भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सक्रिय कुछ कारोबारियों की गतिविधियों पर नजर बढ़ाई। जांच में कुछ लोगों के कथित मुद्रा लेनदेन और दवा तस्करी से जुड़े नेटवर्क से संबंध होने की आशंका सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सीमा क्षेत्र में बढ़ाई गई निगरानी
राजा व्यार की गिरफ्तारी के बाद भारतीय और नेपाली सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार सक्रिय संदिग्ध नेटवर्क की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा रही हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तस्करी नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियां किस तरह संचालित होती हैं और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही भारत-नेपाल के बीच होने वाले संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। राजा व्यार से पूछताछ और उसके संपर्कों की जांच के आधार पर एजेंसियां अन्य संदिग्ध लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। मामले में आगे और कार्रवाई होने की संभावना जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।



