- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
मुकेश रंजन
Ranchi : विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर झारखंड कांग्रेस ने सोमवार को राजधानी रांची में चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन को लेकर कार्यालय के बाहर काफी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जुटे।
कांग्रेस की ओर से पहले ही घोषणा की गयी थी कि 28 सितंबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि रांची में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा था कि पार्टी लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार से जुड़े सवालों को लेकर आंदोलन करेगी।
एसआईआर को लेकर बढ़ा सियासी टकराव
कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर की प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुचिता को लेकर सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। कांग्रेस ने इसी आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की। रांची में प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आयी है।
आयोग की ओर से आरोपों पर अलग रुख
वहीं, निर्वाचन आयोग ने एसआईआर से जुड़े आरोपों को लेकर कहा है कि आयोग के अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिये गये हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि आयुक्तों के बीच लिखित सुझाव अथवा अलग-अलग राय आना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है।
इस बीच, कांग्रेस के प्रदर्शन से रांची में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर चल रही राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गयी है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को लेकर अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगी।




