Bihar: पटना से सटे पुनपुन थाना क्षेत्र में बाढ़ के बीच सर्पदंश की दर्दनाक घटना सामने आई है। लखनपार पंचायत के समकूड़ा गांव में जहरीले सांप के डसने से एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। मृतकों में 10 वर्षीय मोनू कुमार और उसकी 8 वर्षीय बहन काजल कुमारी शामिल हैं। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है, वहीं पूरे गांव में शोक का माहौल है।
रात में घर में सो रहे थे दोनों बच्चे
जानकारी के अनुसार, रामू कुमार के दोनों बच्चे रात में घर के अंदर सो रहे थे। इसी दौरान जहरीले सांप ने दोनों को डस लिया। सांप के काटने की जानकारी मिलते ही परिजनों ने बिना देर किए बच्चों को इलाज के लिए पटना ले जाने की कोशिश की। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दोनों बच्चों की मौत हो गई। एक साथ दो बच्चों को खोने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
तीन बच्चों में से दो की सर्पदंश से मौत
मृत बच्चों की पहचान रामू कुमार के 10 वर्षीय बेटे मोनू कुमार और 8 वर्षीय बेटी काजल कुमारी के रूप में हुई है। रामू कुमार मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके कुल तीन बच्चे थे, जिनमें से दो की मौत इस हादसे में हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों बच्चे गांव में टाल के किनारे बने मिट्टी के घर में सो रहे थे। इसी दौरान सांप घर में पहुंच गया और दोनों बच्चों को डस लिया।
बाढ़ के कारण रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे सांप
ग्रामीणों का कहना है कि पुनपुन नदी में बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद आसपास के इलाकों में सांपों का खतरा भी बढ़ गया है। पानी से बचने के लिए जहरीले सांप रिहायशी क्षेत्रों और घरों के आसपास पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। खासकर कच्चे और मिट्टी के घरों में रहने वाले परिवारों के लिए ऐसी स्थिति में खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुनपुन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुनपुन थानाध्यक्ष बमबम कुमार ने बताया कि दोनों मृत बच्चे समकूड़ा गांव के रहने वाले थे और उनकी पहचान कर ली गई है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटना के बाद गांव में भी लोगों की भीड़ जुटी रही और ग्रामीणों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
एक ही रात में दो बच्चों की मौत से परिवार सदमे में है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, बाढ़ के बीच हुई इस घटना ने आसपास के गांवों में भी चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के पानी के साथ जहरीले जीव-जंतुओं के रिहायशी इलाकों में आने की घटनाएं बढ़ रही हैं, ऐसे में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।




